पटना, 10 दिसंबर 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से तेज गति से पूरा किया जाए।
430 योजनाओं की स्वीकृति, 50 हजार करोड़ की लागत
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रगति यात्रा के दौरान कुल 430 नई योजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जो 22 विभागों से संबंधित हैं।
इनमें से 428 योजनाओं को विभागों ने स्वीकृति दे दी है, जबकि 2 योजनाएँ तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाई गई हैं, जो जल संसाधन विभाग से जुड़ी थीं।
अब तक 21 योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, बाकी योजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2024 और जनवरी–फरवरी 2025 में उन्होंने सभी जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की स्थिति देखी थी।
जमीनी फीडबैक और आवश्यकताओं के आधार पर 430 नई योजनाएँ स्वीकृत की गईं, जिन पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
“बिहार को देश के टॉप–5 विकसित राज्यों में शामिल करना है” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा:
“राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास जारी है। सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों के उत्थान के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। इन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करें। हमारा लक्ष्य है कि बिहार देश के 5 अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो।”
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग लंबित योजनाओं का निरंतर अनुश्रवण करें और किसी भी प्रकार की देरी न होने दें।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
- उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी
- मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार
- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
- विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह
- सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव
- मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि
- विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह
- सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह


