शिक्षा मंत्री की कुर्सी खतरे में…शिक्षकों की हेकड़ी दूर करने के लिए केके पाठक को लाया गया है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आईएएस अधिकारी के के पाठक को शिक्षा विभाग में गुणवत्तापूर्ण सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी है. आप देख लीजिएगा कि अगले 1 से 2 महीने में सभी स्कूलों में समय पर टीचर भी उपस्थित होंगे और बच्चे भी. केके पाठक का अपना काम करने का स्टाइल है जो हम सभी लोग जानते हैं. अगर शिक्षा मंत्री को काम करने में परेशानी हो रही है तो उन्हें अपमानित होने के बदले इस्तीफा दे देना चाहिए. नमस्कार आप पढ़ रहे हैं डेली बिहार डॉट कॉम का एक्सक्लूसिव न्यूज़. सुबह-सुबह आपके लिए हमें बड़ी खबर लेकर आए हैं. ऊपर जो अभी आपने पढ़ा वह स्टेटमेंट राजद एमएलसी और लालू राबड़ी के खासम खास पारिवारिक नेता बिस्कोमान वाली सुनील सिंह का है।

राजद नेता ने कहा कि हर एक मुख्यमंत्री के पास पांच से छह ऐसे आईएएस अधिकारी होते हैं जिनको विभाग या मंत्री की हेकड़ी दूर करने के लिए लाते हैं. एक समय मेरे और सीएम नीतीश कुमार के बीच छत्तीस का आंकड़ा था तब भी एक अन्य आईएएस अधिकारी को मुझे ठीक करने का जिम्मा सौंपा गया था. बाद में उस अधिकारी को सब कुछ पता चल गया और वे मेरे दोस्त बन गए. बिहार सरकार ने बजट में सबसे अधिक पैसा शिक्षा विभाग को दिया है. सबसे अधिक नौकरी भी शिक्षा विभाग में दी जा रही है. अगर ऐसे में ठीक ढंग से काम नहीं होगा तो कैसे चलेगा।

शिक्षा मंत्री और केके पाठक के बीच चिट्ठी विवाद हुआ है वह कहीं से ठीक नहीं है. नीतीश कुमार और लालू यादव अब इस मामले को देख रहे हैं. यही कारण है कि प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर कल गुरुवार को सुबह सुबह सबसे पहले लालू यादव से मिले फिर सीएम आवास जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ जदयू के सभी वरीय मंत्रियों के साथ बैठक की. बताया जाता है कि सीएम आवास में बैठक के दौरान के के पाठक भी उपस्थित थे।

दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार ने शिक्षकों की हेकड़ी निकालने का मन बना लिया है. सैलरी मिलती है तो उन्हें बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना होगा. हाजिरी बनाकर आप घर बैठेंगे यह नहीं चलेगा. इधर कहा जा रहा है कि प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर की कुर्सी जा सकती है. लालू नीतीश के बीच डील फाइनल हो चुका है. उनको किसी और विभाग का जिम्मा सौंपा जा सकता है।

भाजपा ने मांगा मंत्री का इस्तीफा भाजपा नेता सुशील मोदी ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। तारकिशोर प्रसाद ने आरोप लगाया कि मंत्री-सचिव की लड़ाई से शिक्षा विभाग कुश्ती का अखाड़ा बन गया है।

विजय चौधरी बोले-सब कुछ सामान्य है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के बाद शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने वित्त मंत्री विजय चौधरी के कक्ष में जाकर उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच करीब घंटेभर बात हुई। वित्त मंत्री ने पूछने पर सिर्फ इतना कहा कि सबकुछ सामान्य है। विवाद जैसी कोई बात नहीं है। उधर, जदयू नेता और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।

शिक्षा मंत्री सरकार के खिलाफ नहीं राबड़ी

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि शिक्षा मंत्री सरकार के खिलाफ नहीं हैं। विधानसभा परिसर में उन्होंने मीडिया से कहा कि सीएम नीतीश कुमार बैठक किये हैं, सब ठीक है। कोई गड़बड़ नहीं है। शिक्षा मंत्री की विभागीय अपर मुख्य सचिव से नाराजगी से जुड़े सवाल पर कहा कि चंद्रशेखर सरकार के खिलाफ नहीं जा सकते हैं। पार्टी, सरकार या सीएम थोड़े ही नाराज हैं।

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