बांका में हैवानियत की हद: 3 साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या; स्कूल के पास मिला शव, इलाके में भारी तनाव

बांका | 01 मार्च, 2026: बिहार के बांका जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जिलेबिया थाना क्षेत्र के एक गांव में मात्र तीन वर्ष की मासूम बच्ची के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म और फिर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह जब बच्ची का शव गांव के ही एक स्कूल परिसर के पास मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

शुक्रवार रात को हुआ था अपहरण: स्कूल के पास मिली लाश

​जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना शुक्रवार की रात को घटित हुई। मासूम बच्ची अपने घर के पास से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने रात भर खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।

  • खौफनाक मंजर: शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने स्कूल के पास झाड़ियों में बच्ची का शव देखा।
  • नृशंसता: शव की स्थिति देखकर यह स्पष्ट था कि बच्ची के साथ दरिंदगी की गई है और पहचान छिपाने या साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस का दावा: “3 संदिग्ध हिरासत में, जल्द होगा बड़ा खुलासा”

​मामले की गंभीरता को देखते हुए बांका के पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्र नाथ बर्मा खुद सक्रिय नजर आए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।

SP उपेंद्र नाथ बर्मा का बयान: “शुक्रवार की रात यह दुखद मामला सामने आया है। एक 3 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जांच शुरू कर दी है और अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले का लगभग उद्भेदन कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।”

 

ग्रामीणों में उबाल: सुरक्षा पर उठे सवाल

​इस घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गश्त की कमी और असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। लोग आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।

VOB का नजरिया: क्या हमारी बेटियां अब घर के बाहर भी सुरक्षित नहीं?

​बांका की यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि हमारे समाज के माथे पर एक काला कलंक है। 3 साल की मासूम, जिसे अभी दुनिया की समझ भी नहीं थी, उसे हवस का शिकार बनाकर मार डालना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि पुलिस केवल हिरासत तक सीमित न रहे, बल्कि पुख्ता सबूत जुटाकर इन दरिंदों को ऐसी सजा दिलाए जो आने वाले समय के लिए एक नजीर बने।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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