
पटना, 10 अप्रैल 2026 — बिहार अब धीरे-धीरे फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार की फिल्म नीति और कला एवं संस्कृति विभाग की सक्रिय पहल के कारण स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को नए अवसर मिलने लगे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक मुद्दों पर आधारित हिन्दी फीचर फिल्म ‘सरकारी मीडियम’ की शूटिंग 17 अप्रैल से 5 मई तक जिले के विभिन्न लोकेशनों पर की जाएगी।
यह फिल्म बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राज सागर फिल्म्स के बैनर तले बन रही इस परियोजना में खास तौर पर स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे राज्य के युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार और पहचान मिलने की उम्मीद है।
फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने बताया कि उनका उद्देश्य बिहार की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ एक सही मंच और अवसर की थी, जो अब बिहार सरकार की फिल्म नीति के जरिए मिल रहा है।
इस पहल का एक अहम हिस्सा राज्य सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल है, जहां कलाकारों, तकनीशियनों और सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फिल्म निर्माण से जुड़े सभी लोगों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे निर्माता सीधे स्थानीय संसाधनों तक पहुंच पा रहे हैं और उन्हें बाहर से लोगों को बुलाने की आवश्यकता कम हो रही है।
इस पोर्टल पर वेंडर श्रेणी के तहत स्टूडियो, एनीमेशन, प्रॉप्स, उपकरण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, एडिटिंग, वेशभूषा, खानपान, आतिथ्य और सुरक्षा जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। वहीं, परफॉर्मेंस श्रेणी में अभिनय, निर्देशन, छायांकन, संगीत, नृत्य, लेखन, साउंड डिजाइन, एडिटिंग, आर्ट डायरेक्शन, मेकअप, हेयर, कॉस्ट्यूम डिजाइन और वीएफएक्स जैसे क्षेत्रों को जगह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देती है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। फिल्म शूटिंग के दौरान होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ती है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।
बिहार सरकार की यह रणनीति राज्य को एक उभरते फिल्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो रही है। लगातार बढ़ रही फिल्म गतिविधियों से यह साफ है कि आने वाले समय में बिहार फिल्म निर्माण के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है।
कुल मिलाकर, ‘सरकारी मीडियम’ जैसी फिल्मों की शूटिंग न केवल मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा दे रही है, बल्कि राज्य के युवाओं को नए अवसर प्रदान कर बिहार की सांस्कृतिक और रचनात्मक पहचान को भी मजबूत कर रही है।


