पटना। इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मीठापुर इलाके में बन रही बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। भवन निर्माण विभाग के अनुसार, यह यूनिवर्सिटी अप्रैल 2026 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी। फिलहाल भवन का फिनिशिंग कार्य तेजी से चल रहा है।
करीब 5 एकड़ भूमि पर बन रही इस यूनिवर्सिटी के निर्माण पर 66.92 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे आधुनिक सुविधाओं और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला स्वरूप में विकसित किया गया है।
ग्राउंड फ्लोर पर होंगे ये प्रमुख कार्यालय
यूनिवर्सिटी के मुख्य भवन के ग्राउंड फ्लोर पर
- डीन कार्यालय
- रजिस्ट्रार कार्यालय
- फाइनेंस ऑफिस
- स्टोर रूम
- कैफेटेरिया
- डबल हाइट एंट्री एरिया
- प्रसाधन सुविधा
की व्यवस्था की गई है।
पहले से तीसरे तल तक कार्यालय और रिकॉर्ड रूम
प्रथम तल पर
- कुलपति (वीसी) का कार्यालय
- मीटिंग हॉल
- इवैल्यूएशन सेंटर
द्वितीय तल पर
- 7 कार्यालय कक्ष
- एक इवैल्यूएशन सेंटर
- 6 स्टोर रूम
- 4 स्कैनिंग रूम
तृतीय तल पर
- 5 रिकॉर्ड रूम
- स्टोर और स्कैनिंग रूम
चौथे तल पर गेस्ट हाउस और बड़े हॉल
चतुर्थ तल पर
- एक और इवैल्यूएशन सेंटर
- दो बड़े हॉल
- गेस्ट हाउस
- केयरटेकर के लिए आवास
की व्यवस्था की गई है।
तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आधार
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है और तय समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी बिहार में तकनीकी शिक्षा को एक मजबूत और पारदर्शी मंच देगी।
यूनिवर्सिटी के शुरू होते ही राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों के संचालन और मूल्यांकन प्रणाली में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

