बिहार ऊर्जा विभाग में 2390 नए कर्मियों को नियुक्ति पत्र, सीएम नीतीश कुमार ने सौंपे जॉइनिंग लेटर

बिहार सरकार ने रोजगार और नौकरी सृजन को लेकर किए गए अपने वादों की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा विभाग में चयनित 2390 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

यह नियुक्तियां बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSPHCL) के तहत की गई हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

ऊर्जा विभाग में 2390 नई नियुक्तियां

ऊर्जा विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतीकात्मक रूप से सन्नी साकेत, आशुतोष कुमार और मोहित कुमार भट्ट को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इन 2390 नियुक्तियों में—

  • 1810 तकनीशियन
  • 512 पत्राचार लिपिक
  • 68 भंडार सहायक

शामिल हैं।

एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 से 2020 के बीच राज्य सरकार ने 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के तहत 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया था, जिसके अंतर्गत 10 लाख नौकरियां और 40 लाख रोजगार, कुल 50 लाख अवसर उपलब्ध कराए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगले पांच वर्षों में इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है और इसके लिए सात निश्चय पार्ट-3 पर काम शुरू हो चुका है।

पंप्ड स्टोरेज परियोजना को लेकर दो कंपनियों से एमओयू

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने पंप्ड स्टोरेज नीति-2025 लागू की है। इसके तहत बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड ने ग्रीनको और सन पेट्रो कंपनी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

दोनों परियोजनाएं नवादा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं।

  • ग्रीनको परियोजना की क्षमता: 7308 मेगावाट
  • सन पेट्रो परियोजना की क्षमता: 6973 मेगावाट

इस प्रकार कुल ऊर्जा भंडारण क्षमता 14,281 मेगावाट होगी।

13 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार को मिलेगा रोजगार

इन परियोजनाओं से राज्य में करीब 13 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। निर्माण चरण के दौरान लगभग 8 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

सीएम ने किया SLDC का निरीक्षण

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विद्युत भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां की कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

SLDC राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के बीच समन्वय स्थापित करता है। यह केंद्र 24 घंटे, सातों दिन तीन पालियों में संचालित होता है। बिहार पूर्वी क्षेत्र का पहला राज्य है जहां इस तरह की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा

बिजली कटौती और लोड शेडिंग को कम करने के लिए SLDC में ऑटोमेटेड सिस्टम बैलेंसिंग मैकेनिज्म (ASBM) लागू किया गया है, जिसके जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
इसके साथ ही यहां AI और मशीन लर्निंग आधारित साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है, जिसे पिछले वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट केंद्र का सम्मान मिल चुका है।

कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त अभ्यर्थी उपस्थित रहे।


 

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