उर्वरकों की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं : पंकज कुमार

पटना: राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाने को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार श्री पंकज कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विभाग द्वारा जिला प्रशासन एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर राज्यभर में निरंतर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय टीमों की सक्रिय भूमिका

प्रधान सचिव ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु मुख्यालय स्तर से गठित उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की टीमें नियमित रूप से विभिन्न जिलों एवं प्रखंडों का दौरा कर रही हैं। ये टीमें उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों, गोदामों एवं संदिग्ध स्थलों पर सघन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही जिला स्तर पर भी प्रशासनिक एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय रूप से निगरानी कर रही हैं।

पूर्वी चंपारण में बड़ी कार्रवाई

इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिले के बनकटवा प्रखंड अंतर्गत रेगनिया एवं अगरवा ग्राम में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं निजी आवासों से बड़े पैमाने पर उर्वरकों की अवैध जमाखोरी का खुलासा हुआ।

छापेमारी में:

रेगनिया स्थित मे० आकाश फर्टिलाइजर्स के गोदाम से 81 बैग यूरिया

मे० जावेद खाद भंडार के गोदाम से 370 बैग यूरिया

पुरूषोत्तम यादव के आवास से 650 बैग यूरिया

अरविन्द के आवास से 80 बोरा यूरिया

मदन के आवास से 25 बोरा यूरिया

मे० भवानी खाद भंडार के गोदाम से 600 बोरा यूरिया, साथ ही 100 बोरा एसएसपी एवं 50 बोरा एमओपी

जब्त किए गए।

दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संग्रहित उर्वरकों की जब्ती के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं अन्य प्रासंगिक अधिनियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के लाइसेंस निरस्तीकरण, प्राथमिकी दर्ज करने एवं अन्य दंडात्मक प्रावधानों को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।

किसानों से अपील

प्रधान सचिव ने राज्य के किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं से ही उर्वरक की खरीद करें। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली अथवा अवैध भंडारण की सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय, जिला प्रशासन या विभागीय हेल्पलाइन को दें।

उन्होंने दोहराया कि कृषि विभाग किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी ऐसे विशेष अभियान पूरी सख्ती एवं सतत निगरानी के साथ जारी रखेगा।

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