कस्टडी से भागे आरोपी, चार पुलिसकर्मी सस्पेंड – दो जिलों की लापरवाही पर गिरी गाज

सहरसा/अररिया। कस्टडी से अपराधियों के फरार होने की दो बड़ी घटनाओं ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर फिर सवाल खड़ा कर दिया है। लापरवाही बरतने की कीमत अब पुलिसकर्मियों को निलंबन के रूप में चुकानी पड़ी है। मंगलवार को सहरसा और अररिया में ऑन ड्यूटी दारोगा सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।


सहरसा: चार घंटे में ही हाजत से फरार हो गया अपराधी

सहरसा के बलवाहाट थाना से सोमवार सुबह एक खतरनाक बदमाश जितेन्द्र कुमार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया। खास बात ये रही कि गिरफ्तारी के महज चार घंटे बाद ही वह हाजत से निकल भागा।

इस शर्मनाक घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए एसपी हिमांशु ने ऑफिसर ऑन ड्यूटी सहायक अवर निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार और चौकीदार बुच्ची पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।


अररिया: हथकड़ी तोड़ दो आरोपी फरार, फिर दो सस्पेंड

दूसरी घटना अररिया जिले के फुलकाहा थाना की है, जहां रविवार की भोर में दो आरोपी हथकड़ी खोलकर फरार हो गए। इस मामले में भी घोर लापरवाही सामने आई।

जांच में दोषी पाए जाने पर एसपी अंजनी कुमार ने फुलकाहा थाना के ओडी एएसआई राज तिवारी और सिपाही जयप्रकाश यादव को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।


पुलिस पर उठे सवाल, आरोपी बेखौफ

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पुलिस की गिरफ्त और सुरक्षा पर गहरा सवाल खड़ा कर रही हैं। सवाल यह है कि जब थाने की हाजत तक में आरोपी सुरक्षित नहीं रह सकते तो फिर कानून-व्यवस्था का क्या हाल होगा?

जानकार मानते हैं कि ऐसी घटनाएं अपराधियों के हौसले बढ़ा रही हैं, वहीं पुलिस की साख पर करारा तमाचा भी है।


आने वाले दिनों में और भी हो सकती है कार्रवाई

सूत्रों की मानें तो दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लिया है। ऐसे में इन मामलों में थाना प्रभारी या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।

आरोपियों के फरार होने की यह दोहरी घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस महकमे में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर कड़ाई की सख्त जरूरत है। वरीय अधिकारी अब इस तरह की लापरवाहियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत काम कर रहे हैं।


 

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