पटना।बिहार विधानसभा में पारित बजट 2026-27 को लेकर गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने इसे राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन और मुख्यमंत्री के सुशासन मॉडल का विस्तार है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि युवा नेता चिराग पासवान की सोच “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” इस बजट में साफ दिखाई देती है। इसमें किसान, युवा, महिला, श्रमिक और गरीब वर्ग को केंद्र में रखा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस किया गया है।
गन्ना किसानों को सीधी राहत, बढ़ेगा भुगतान
संजय कुमार ने बताया कि बजट में गन्ना किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं—
- उत्तम व सामान्य किस्म के गन्ने पर ₹15 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी
- निम्न किस्म पर ₹20 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
- इसके अलावा सभी किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन
इससे लाखों गन्ना उत्पादक किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
पुरानी चीनी मिलें फिर होंगी चालू
‘सात निश्चय-2’ के तहत समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार मिशन में—
- बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जाएगा
- नई चीनी मिलों की स्थापना भी होगी
- इससे स्थानीय रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
तकनीक और बीज से बदलेगी खेती
मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत—
- ₹49 करोड़ का प्रावधान
- 28,000 एकड़ में उन्नत गन्ना खेती
- 7 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज अनुदान पर किसानों को दिए जाएंगे
साथ ही,
- आधुनिक टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना
- गैर-चीनी मिल क्षेत्रों के लिए गन्ना परिवहन अनुदान योजना भी शुरू होगी।
“यह सिर्फ बजट नहीं, विकास का रोडमैप है”
संजय कुमार ने कहा—
“यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि बिहार के सम्मान, अवसर और भविष्य का रोडमैप है। हमारी सरकार इसे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतारेगी।”
उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को इस जनकल्याणकारी बजट के लिए धन्यवाद भी दिया।


