
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा नाम बन चुके ने अपने पहले ही चुनाव में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने न सिर्फ राज्य की सियासत को झकझोर दिया है बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) ने 110 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंचते हुए एक नया राजनीतिक इतिहास रच दिया है।
लेकिन इस सियासी जीत के साथ-साथ एक और चर्चा तेजी से सुर्खियों में है—विजय के निजी जीवन से जुड़ी। खासकर तब, जब मशहूर अभिनेत्री को उनके चेन्नई स्थित आवास पर जश्न के दौरान देखा गया।
जीत का जश्न और तृषा की ‘स्पेशल एंट्री’
चुनावी रुझानों के बीच जैसे ही विजय की पार्टी ने 100 सीटों का आंकड़ा पार किया, चेन्नई में जश्न का माहौल बन गया। हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए, ढोल-नगाड़ों के साथ विजय की जीत का जश्न मनाने लगे। इसी दौरान तृषा कृष्णन की विजय के घर पहुंचने की खबर ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी।
बताया जा रहा है कि तृषा सफेद रंग की कार से विजय के घर पहुंचीं और सीधे अंदर चली गईं। कैमरों के सामने उनकी हल्की मुस्कान और आत्मविश्वास भरा अंदाज चर्चा का विषय बन गया। यह केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे विजय के जीवन में एक खास उपस्थिति के रूप में देखा जा रहा है।
लंबे समय से चल रही हैं रिश्तों की चर्चाएं
विजय और तृषा के रिश्तों की चर्चा नई नहीं है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हमेशा दर्शकों को पसंद आई है। खासकर फिल्म लियो के बाद से दोनों के बीच नजदीकियों की खबरें ज्यादा सामने आने लगीं।
इसके बाद जब दोनों को कई निजी कार्यक्रमों में एक साथ देखा गया, तो अटकलों ने और जोर पकड़ लिया। हालांकि दोनों ने कभी भी इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, लेकिन सार्वजनिक उपस्थितियों ने इन चर्चाओं को लगातार हवा दी।
पत्नी से अलगाव की खबरों ने बढ़ाया सस्पेंस
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरलिंगम के बीच अलगाव की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों ने दिसंबर 2025 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी।
याचिका में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि विजय का किसी सह-कलाकार के साथ करीबी संबंध है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने विजय और तृषा के नाम को और मजबूती से जोड़ दिया।
राजनीति में ‘ब्लॉकबस्टर’ एंट्री
राजनीतिक मोर्चे पर विजय का प्रदर्शन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पहली बार चुनाव लड़ते हुए उन्होंने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को सीधी चुनौती दी है।
के नेतृत्व वाली DMK जहां पीछे नजर आ रही है, वहीं AIADMK भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है। ऐसे में विजय का उभरना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विजय ने अपने स्टारडम को जनसमर्थन में बदलने की कला बखूबी दिखाई है। युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा ‘विजय-तृषा’
विजय और तृषा की इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर #VijayTrisha ट्रेंड करने लगा है। फैंस इस जोड़ी को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे “परफेक्ट कपल” बता रहे हैं, तो कुछ इसे महज एक दोस्ताना मुलाकात मान रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की चर्चाएं किसी भी बड़े सार्वजनिक व्यक्तित्व के साथ आम होती हैं, खासकर तब जब वह सिनेमा और राजनीति दोनों में सक्रिय हो।
क्या नया अध्याय शुरू होने वाला है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक संयोग था या किसी नए रिश्ते की शुरुआत का संकेत? फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विजय के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह इस समय पूरी तरह राजनीति और जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं तृषा की मौजूदगी को कुछ लोग केवल एक दोस्त के तौर पर समर्थन देने के रूप में देख रहे हैं।
जनता के लिए क्या मायने रखता है यह चुनाव?
विजय की जीत सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव की लहर का प्रतीक मानी जा रही है। यह चुनाव दिखाता है कि जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार है।
विजय ने खुद को “जनता का आदमी” बताकर एक नई राजनीतिक शैली पेश की है, जिसमें सिनेमा की लोकप्रियता और सामाजिक मुद्दों का मिश्रण दिखाई देता है।
थलपति विजय की यह जीत जहां उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का नया चेहरा बना रही है, वहीं तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने इस कहानी में एक दिलचस्प निजी पहलू जोड़ दिया है।
हालांकि सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में ही साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि विजय अब सिर्फ फिल्मों के ही नहीं, बल्कि राजनीति के भी सुपरस्टार बन चुके हैं—और उनकी हर गतिविधि पर देश की नजर बनी रहेगी।


