पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि भारत, अफगान तालिबान को ड्रोन मुहैया करा रहा है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता और DG-ISPR अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि हाल के हमलों में इस्तेमाल किए गए ड्रोन भारतीय मूल के हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। पाकिस्तान का आरोप है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल तालिबान द्वारा उसके खिलाफ किया जा रहा है, जिससे सीमा पर हालात और गंभीर हो गए हैं।
तालिबान सुप्रीम लीडर का पाकिस्तान को सख्त संदेश
ईद-उल-फितर के मौके पर कंधार में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंडजादा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तालिबान किसी भी सैन्य दबाव, एयरस्ट्राइक या धमकी से डरने वाला नहीं है।
अखुंडजादा ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर तालिबान डरता, तो वह NATO और पश्चिमी ताकतों के खिलाफ 20 साल तक संघर्ष नहीं कर पाता। उन्होंने दावा किया कि तालिबान पहले से ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वासी है।
‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ और बढ़ती हिंसा
पाकिस्तान ने हाल ही में ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू किया था, जिसे ईद के चलते अस्थायी रूप से रोक दिया गया। हालांकि, पाकिस्तान ने साफ किया है कि यह रोक केवल कुछ समय के लिए है और किसी भी हमले का जवाब कड़े तरीके से दिया जाएगा।
सीमा पर संघर्ष जारी है और सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी सप्ताह पाकिस्तान के एक अस्पताल पर हुए हमले में लगभग 400 लोगों के मारे जाने की खबर है।
पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने तालिबान के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि तालिबान ऐसे आरोप लगाकर अपनी गतिविधियों को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है।
स्थिति पर नजर
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।


