- लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के 10 प्रशिक्षु अधिकारियों ने ‘विंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के तहत किया पटना का दौरा
- बापू टावर में “भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य की कल्पना” विषय पर हुई खास चर्चा; कला विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
- रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर स्वधा रिजवी ने सरकारी दफ्तरों को सुंदर बनाने और युवा कलाकारों को मंच देने पर दिया जोर
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
भविष्य के नौकरशाहों (Civil Servants) को शासन और जनसेवा में कला, विरासत और सांस्कृतिक कूटनीति की अहमियत समझाने के लिए पटना में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विदेश मंत्रालय के तहत आने वाली स्वायत्त संस्था ‘भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद’ (ICCR) के पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने 2025 बैच के 10 IAS ट्रेनी अफसरों की शानदार मेजबानी की। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के ये युवा अधिकारी अपने ‘विंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के तहत बिहार दौरे पर आए हैं।
इस खास दौरे का उद्देश्य इन भावी अधिकारियों को यह समझाना था कि राष्ट्र निर्माण और नीतियां तय करने (Policy Formulation) में सांस्कृतिक जुड़ाव और ‘सॉफ्ट पावर’ की क्या भूमिका होती है।
बापू टावर में हुई खास पैनल चर्चा
इस दौरे की शुरुआत पटना के ऐतिहासिक ‘बापू टावर’ से हुई।
- कला विशेषज्ञों से संवाद: यहां “भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य की कल्पना” (Envisioning India’s Cultural Landscape) विषय पर एक खास पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें लोक कला, रंगमंच, संगीत और साहित्य से जुड़े बिहार के चार प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
- स्वधा रिजवी ने किया संचालन: इस इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र का बेहतरीन संचालन क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) और ICCR पटना की क्षेत्रीय निदेशक स्वधा रिजवी (IFS) ने किया। इसके जरिए संस्कृति, समाज और सार्वजनिक नीति पर एक सार्थक संवाद स्थापित किया गया।
- अधिकारियों को गांधी जी की विरासत से जोड़ने के लिए बापू टावर का गाइडेड टूर भी कराया गया।
पासपोर्ट दफ्तर में दिखी स्कूली बच्चों की कलाकारी
युवा अधिकारियों को यह दिखाने के लिए कि सरकारी दफ्तरों में कला को कैसे शामिल किया जा सकता है, उन्हें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के तहत चलने वाले पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) का दौरा कराया गया।
- ‘Patna through Ink and Paint’: यहां ट्रेनी अफसरों ने डीपीएस (DPS) पटना के 24 बच्चों द्वारा बनाई गई बेहतरीन पेंटिंग प्रदर्शनी देखी।
- सरकारी दफ्तरों को सुंदर बनाने की पहल: RPO स्वधा रिजवी ने अधिकारियों को बताया कि सरकारी दफ्तरों को कर्मचारियों और आम जनता दोनों के लिए सौंदर्यपूर्ण और आकर्षक बनाना कितना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों को युवा कलाकारों के लिए ऐसे ‘नो-कॉस्ट’ (मुफ्त) लेकिन अत्यधिक प्रभावशाली मंच उपलब्ध कराने चाहिए।
अर्थशिला और विश्वस्तरीय बिहार म्यूजियम का किया भ्रमण
अपने इस दौरे में IAS अधिकारियों ने कला को बढ़ावा देने वाली शानदार निजी पहल ‘अर्थशिला पटना’ का भी दौरा किया।
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- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर जोर: इस विजिट के जरिए यह समझाया गया कि समकालीन कला, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने में निजी सांस्कृतिक संस्थानों की कितनी अहम भूमिका है। साथ ही यह भी बताया गया कि ‘पब्लिक-प्राइवेट’ सहयोग भविष्य के नेतृत्व के लिए कितना लाभदायक हो सकता है।
- बिहार म्यूजियम की वास्तुकला ने मोहा मन: अधिकारियों ने विश्वस्तरीय वास्तुकला और अपनी शानदार क्यूरेटोरियल प्रथाओं के लिए मशहूर ‘बिहार म्यूजियम’ का भी भ्रमण किया और राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना।
भविष्य की नीतियों के लिए मिलेगा फायदा: ICCR पटना द्वारा तैयार किए गए इस सांस्कृतिक दौरे ने इन 10 युवा IAS ट्रेनी को बिहार की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक संस्कृति की एक शानदार झलक दी है। इससे उन्हें भारतीय संस्कृति को सहेजने, बढ़ावा देने और दुनिया के अन्य समृद्ध देशों की तरह इसका उपयोग देश की भलाई के लिए करने के नए आइडियाज मिलेंगे।


