पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र ‘तेजस्वी प्रण’ जारी कर दिया है। इसमें हर घर सरकारी नौकरी, माई बहिन योजना, 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे वादे किए गए हैं। लेकिन इस मेनिफेस्टो पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे “झूठ का पुलिंदा” बताते हुए तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है।
गिरिराज सिंह का पलटवार
बेगूसराय में मीडिया से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा —
“तेजस्वी यादव ने पिछले चुनाव में कहा था कि 3 लाख 67 हजार अनियमित शिक्षकों को नियमित कर वेतन देंगे। लेकिन डिप्टी सीएम रहते हुए तीन साल में एक भी वादा पूरा नहीं किया।”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा —
“एक होता है शंख और दूसरा डपोशंख… तेजस्वी का घोषणापत्र डपोशंख साबित होगा।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव के शासन में बिहार में जंगलराज था, जहां स्कूलों की खिड़कियां और दरवाजे तक गायब हो जाते थे। उन्होंने दावा किया कि आज नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
बेगूसराय में एनडीए प्रचार वाहनों पर हमले को लेकर चेतावनी
गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में एनडीए की प्रचार गाड़ियों पर हुए हालिया हमले को लेकर भी विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा —
“बेगूसराय का करिचक पाकिस्तान नहीं है, यह बिहार और भारत का हिस्सा है। अगर प्रचार के दौरान गाड़ियों पर हमला या तोड़फोड़ की गई तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”
उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।
“जो बिहार में अराजकता फैलाने की कोशिश करेगा, उसे कानून का सामना करना पड़ेगा,” गिरिराज सिंह ने कहा।
महागठबंधन पर सीधा निशाना
गिरिराज सिंह ने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र केवल झूठे वादों का ढेर है।
“तेजस्वी यादव को पहले अपने पुराने वादे पूरे करने चाहिए, फिर नए संकल्प लेने चाहिए। जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है।”


