
पटना, 31 मार्च 2026: बिहार में बिजली दरों में बदलाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरते हुए अब सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
सोमवार को जारी अपने बयान में तेजस्वी यादव ने कहा कि जदयू-भाजपा गठबंधन ने चुनाव के समय 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के महज चार महीने के भीतर ही सरकार ने अपना रुख बदल लिया है। उन्होंने इसे जनता के साथ “धोखा” करार देते हुए कहा कि अब सरकार बिजली दरों के जरिए लोगों से वसूली कर रही है।
पीक आवर दरों पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत बिजली की दरों को अलग-अलग समय के अनुसार तय किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम से रात 11 बजे तक, जब बिजली की खपत सबसे अधिक होती है, उस दौरान दरें सबसे ज्यादा रखी गई हैं।
उनके मुताबिक, इस अवधि में बिजली की कीमत करीब 8.10 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है, जबकि रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक 7.10 रुपये और दिन के अन्य समय में लगभग 5.94 रुपये प्रति यूनिट वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों के लिए महंगी साबित होगी।
‘खाली खजाने का बोझ जनता पर’
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और उसकी भरपाई के लिए अब जनता से पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण जनता के संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
चुनाव प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी धन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के अंतिम दिनों में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसका असर अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
बिजली दरों को लेकर लगातार विपक्षी नेताओं के हमलों से बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं, जिससे यह मामला राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है।


