समाचार के मुख्य बिंदु: तेजस्वी के तीखे प्रहार से सियासी तापमान बढ़ा
- विदेश नीति पर हमला: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की विदेश नीति को बताया ‘फ्लॉप’; कहा— पीएम की ‘निजी नीति’ के कारण जनता गैस और पेट्रोल की महंगाई झेल रही है।
- मुजफ्फरपुर हत्याकांड: गायघाट में पुलिस द्वारा निर्दोष की हत्या का आरोप; तेजस्वी का दावा— थानेदार ने शराब के नशे में चलाई गोली।
- अराजकता का आरोप: बिहार में ‘अपराधियों के बोलबाले’ और ‘पुलिस के इकबाल’ खत्म होने की बात कही; सरकार पर लगाया रसूखदार नेताओं को बचाने का आरोप।
- आंदोलन की चेतावनी: राजद ने स्पष्ट किया— अगर दोषी दरोगा की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो ‘सड़क से सदन’ तक मचेगा कोहराम।
- VOB इनसाइट: तेजस्वी यादव ने महंगाई को सीधे विदेश नीति से जोड़कर केंद्र को घेरा है, वहीं गायघाट प्रकरण को ‘शराबबंदी’ और ‘पुलिसिया जुल्म’ का कॉकटेल बनाकर राज्य सरकार की घेराबंदी की है।
पटना | 26 मार्च, 2026
बिहार के सियासी अखाड़े में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने एक साथ केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने देश की विदेश नीति से लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था तक पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी ने मुजफ्फरपुर के गायघाट में हुई एक हत्या को लेकर पुलिस-प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए सीधे मुख्यमंत्री को चुनौती दी है।
“फ्लॉप विदेश नीति का खामियाजा भुगत रही जनता”: तेजस्वी का केंद्र पर हमला
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को देश की वर्तमान आर्थिक समस्याओं की जड़ बताया। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी गैस और पेट्रोल के लिए जो त्राहि-त्राहि कर रहा है, वह सरकार की गलत विदेश नीति का परिणाम है।
तेजस्वी के संबोधन के मुख्य तर्क:
- निजी बनाम देश की नीति: तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘देश की नीति’ के बजाय ‘निजी नीति’ की तर्ज पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, एनडीए राज में भारत की विदेश नीति पूरी तरह चौपट हो चुकी है।
- पड़ोसियों का साथ नहीं: उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जब अतीत में संकट के समय पड़ोसी मुल्क हमारे साथ खड़े होते थे, आज स्थिति वैसी नहीं है। भारत अपने ही पड़ोस में अलग-थलग पड़ रहा है।
- महंगाई का खतरा: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीतियों में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम आम आदमी की पहुँच से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे।
मुजफ्फरपुर गायघाट प्रकरण: “नशे में दरोगा ने चलाई गोली”
बिहार की कानून-व्यवस्था पर हमला करते हुए तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में हुई एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पुलिस ने अपराध रोकने के बजाय खुद ही एक निर्दोष की हत्या कर दी है।
घटना पर तेजस्वी के गंभीर आरोप:
- पुलिसिया शराबखोरी: तेजस्वी ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि गायघाट के थानेदार ने शराब पी रखी थी और नशे की हालत में उसने एक निर्दोष व्यक्ति पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
- प्रशासन का गिरता इकबाल: उन्होंने कहा कि बिहार में अब अपराधियों का नहीं, बल्कि पुलिस का डर भी खत्म हो चुका है। पुलिस खुद कानून तोड़ रही है क्योंकि सरकार का उन पर से नियंत्रण खत्म हो चुका है।
- सफेदपोशों का संरक्षण: नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी दरोगा को सत्ताधारी दल के ‘रसूखदार नेताओं’ का संरक्षण प्राप्त है, यही कारण है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हुई है।
VOB का नजरिया: क्या ‘सड़क से सदन’ तक घेरी जाएगी सरकार?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि तेजस्वी यादव ने इस बार बहुत ही रणनीतिक तरीके से मुद्दों का चयन किया है।
- पॉलिटिकल टाइमिंग: बिहार में बढ़ते अपराध के बीच ‘पुलिस द्वारा हत्या’ का मुद्दा उछालकर विपक्ष ने जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश की है।
- शराबबंदी पर चोट: थानेदार द्वारा शराब पीकर गोली चलाने का दावा सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘शराबबंदी’ योजना की विफलता पर बड़ा हमला है।
- आंदोलन का बिगुल: राजद ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को ठंडा नहीं होने देंगे। ‘सड़क से सदन’ तक के आंदोलन की चेतावनी यह संकेत देती है कि आगामी विधानसभा सत्र में गायघाट की गूँज सुनाई देगी।
न्याय की मांग और राजद की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने गायघाट प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला और दोषी पुलिस अधिकारी को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो राष्ट्रीय जनता दल पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ गायघाट हत्याकांड की जांच रिपोर्ट और राजद के प्रस्तावित आंदोलन की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


