पटना, 17 जुलाई 2025: बिहार में चल रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को फिर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दरभंगा जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर मतदाता सूची का काम भाजपा ही क्यों देख रही है?
“चुनाव आयोग को और क्या सबूत चाहिए?”
तेजस्वी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा,
“ऐसा लग रहा है मानो मतदाता सूची बनाने का काम अब भाजपा ही कर रही है। जब इस तरह के वीडियो सार्वजनिक हो रहे हैं तो चुनाव आयोग को और किस प्रमाण की आवश्यकता है?”
उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में कुल 7 करोड़ 90 लाख मतदाता हैं, जिन्हें अगर 243 विधानसभा क्षेत्रों में बांटा जाए, तो औसतन हर सीट से 3,251 मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जो एक सुनियोजित साजिश की आशंका को जन्म देता है।
लालू का तीखा तंज – “बिहार गुजरात से ऑपरेट हो रहा है”
इस मुद्दे पर बुधवार को राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक साझा तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“अब तो साफ है कि बिहार गुजरात से ऑपरेट हो रहा है। प्रधानमंत्री जो कह रहे हैं, वही बिहार सरकार कर रही है। नीतीश कुमार अब सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं।”
चुनाव पूर्व सियासी संग्राम तेज
राजद के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का मुद्दा बड़ा राजनीतिक हथियार बन रहा है। विपक्ष जहां मतदाता सूची में गड़बड़ी और सत्ताधारी दल की कथित मिलीभगत का आरोप लगा रहा है, वहीं अभी तक चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह मामला और तूल पकड़ता है तो यह बिहार की चुनावी साख और निष्पक्षता पर बड़ा सवाल बन सकता है।


