पटना, 18 अगस्त 2025: बिहार में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव अब जनशक्ति जनता दल के बैनर तले विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
तेजप्रताप यादव के करीबी बालेंद्र दास ने 2024 में यह पार्टी बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा था। उस समय पार्टी का चुनाव चिन्ह बांसुरी था। बालेंद्र दास अध्यक्ष और प्रशांत प्रताप राष्ट्रीय महासचिव थे। सोमवार को चुनाव आयोग ने इस पार्टी को मान्यता दे दी।
तेजप्रताप यादव आज चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और लगभग 30 मिनट तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से चर्चा की। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि पार्टी अब तेजप्रताप के नाम पर रजिस्टर करवा ली गई है।
महुआ से चुनाव लड़ने का ऐलान
तेजप्रताप यादव ने 26 जुलाई 2025 को महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा:
“टीम तेजप्रताप एक प्लेटफार्म है। हमारी टीम चुनाव में सभी को सपोर्ट करेगी, जो युवा पीढ़ी है और चुनाव लड़ना चाहेगी। उन सभी को पूरा सहयोग मिलेगा। पूरी उम्मीद है कि इस बार चाचा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जो युवा, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की बात करेगा वही सरकार बनाएगा।”
महुआ सीट वर्तमान में RJD के मुकेश कुमार के पास है। उन्होंने 2020 में JDU की आशमा परवीन को 13,687 वोटों से हराया था। तेजप्रताप यादव वर्तमान में हसनपुर सीट से विधायक हैं।
परिवार और पार्टी से निकाले जाने का मामला
25 मई 2025 को RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकालने की घोषणा की थी। लालू ने अपने X (पूर्व Twitter) अकाउंट पर लिखा:
“निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।”
लालू प्रसाद ने आगे लिखा:
“अपने निजी जीवन का भला-बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। जिससे भी लोग संबंध रखेंगे, वह स्वयं निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सार्वजनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार किया है।”


