पटना में आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाए जाने को लेकर उठा विवाद अभी शांत नहीं हुआ है। अब इस मामले पर जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है।
तेजप्रताप यादव ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा करना उचित नहीं था। उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री ने क्या किया या क्या नहीं किया, यह उनका विषय है और मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। लेकिन जिस तरह से हिजाब खींचा गया, वैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था।”
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि नवनियुक्त आयुष चिकित्सक नुसरत परवीन उस समय असहज हो गईं, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र देते समय उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित किया गया था, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे।
वीडियो में क्या दिखा
वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि मुख्यमंत्री के पास खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते हुए उनकी आस्तीन खींचते नजर आए। इसके बावजूद यह घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना के बाद से ही यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री के व्यवहार की आलोचना की है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से इसे विवाद न बनाने की अपील की जा रही है।
फिलहाल, हिजाब को लेकर उठे इस विवाद पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर हलचल बनी हुई है।


