पटना/दिल्ली। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेजप्रताप यादव इन दिनों बिहार की सियासत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। पार्टी और घर से अलग होने के बाद तेजप्रताप ने पहली बार दिल्ली में पिता लालू यादव से मुलाकात कर उन्हें दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया।
तेजप्रताप ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें पिता का आशीर्वाद मिल गया है और लालू यादव भोज में शामिल होंगे।
“मैंने उन्हें मकर संक्रांति के अवसर पर चूड़ा-दही भोज के लिए आमंत्रित किया है। वह आएंगे।”
— तेजप्रताप यादव, जेजेडी प्रमुख
NDA नेताओं को भी दिया न्योता
तेजप्रताप यादव पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर 14 जनवरी को दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने एनडीए के कई नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है।
जिनमें शामिल हैं—
- उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा
- मंत्री संतोष सुमन
- मंत्री दीपक प्रकाश
एनडीए नेताओं को न्योता दिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
लैंड फॉर जॉब केस की सुनवाई के बाद मुलाकात
तेजप्रताप यादव बुधवार को लैंड फॉर जॉब केस की सुनवाई के सिलसिले में दिल्ली आए थे। राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान लालू यादव भी मौजूद थे। सुनवाई के बाद तेजप्रताप अपनी बहन मीसा भारती के आवास पहुंचे, जहां लालू यादव ठहरे हुए थे।
तेजस्वी से नहीं हुई बातचीत
दिल्ली में तेजप्रताप और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव का लिफ्ट में आमना-सामना जरूर हुआ, लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक दोनों ने एक-दूसरे को नजरअंदाज किया। इसके बाद तेजप्रताप केवल पिता को आमंत्रण देकर पटना लौट गए।
मकर संक्रांति और बिहार की राजनीति
बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति को हमेशा से अहम माना जाता रहा है। अक्सर इस पर्व के बाद सियासी समीकरणों में बदलाव देखने को मिला है। ऐसे में तेजप्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज और उसमें सभी दलों को दिया गया निमंत्रण कई सियासी संकेत दे रहा है।
अब सवाल यही है—
क्या यह भोज सिर्फ परंपरा है या इसके पीछे कोई नई सियासी खिचड़ी पक रही है?
इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।


