भागलपुर, 8 सितंबर 2025:‘मेरा रेशम मेरा अभिमान (एम.आर.एम.ए.)’ अभियान के अंतर्गत तसर रेशम धागाकरण एवं कताई पर आधारित तकनीकी प्रदर्शनी कार्यक्रम सोमवार को पुरैनी, प्रखंड–जगदीशपुर, भागलपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन का संचालन रेशम तकनीकी सेवा केंद्र, भागलपुर द्वारा महाप्रबंधक सह सहायक उद्योग निदेशक, रेशम (जिला नोडल अधिकारी, एम.आर.एम.ए.) के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में 31 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही। तसर रेशम की रीलिंग एवं कताई तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा
कार्यक्रम में आकाश शर्मा (वैज्ञानिक-बी, रेशम तकनीकी सेवा केंद्र, भागलपुर) ने एम.आर.एम.ए. अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान भारत के रेशम क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को सशक्त बनाने तथा कोसोत्तर प्रौद्योगिकी में मशीनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बुनियाद रीलिंग मशीन एवं मोटराइज्ड स्पिनिंग मशीन की सहायता से उन्नत तसर रेशम धागे के उत्पादन की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया और इन मशीनों के घटकों एवं संचालन विधियों की तकनीकी जानकारी साझा की।
‘सिल्क समग्र’ योजनाओं की जानकारी
त्रिपुरारी चौधरी (वैज्ञानिक-सी, रेशम तकनीकी सेवा केंद्र, भागलपुर) ने प्रतिभागियों को ‘सिल्क समग्र’ योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक विधियों की तुलना में मशीनीकृत रीलिंग को एक प्रभावी और आधुनिक विकल्प बताया तथा इसके प्रयोग हेतु प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने समझाया कि कैसे आधुनिक तकनीक से दक्षता, उत्पादन और गुणवत्ता तीनों में सुधार संभव है।
साथ ही, उन्होंने तसर रेशम के विभिन्न प्रकार के धागों की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी को संतोषजनक और उपयोगी बताया। उन्होंने माना कि इस तरह की पहल से स्वरोजगार के अवसर मजबूत होंगे और ग्रामीण स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।


