पटना — बिहार के लाखों शिक्षक-शिक्षिकाओं और करोड़ों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘हाफ डे’ (आधा कार्यदिवस) की व्यवस्था बहाल करने का बड़ा फैसला ले सकते हैं। इसको लेकर राज्यभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर अब सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।
6 लाख शिक्षक और 1.70 करोड़ छात्रों को होगा फायदा
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राज्य के करीब 6 लाख शिक्षकों और 1.70 करोड़ छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर दूरदराज के इलाकों में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह राहतभरा कदम साबित होगा, जिन्हें वर्तमान व्यवस्था में शनिवार को पूरे दिन काम करना पड़ता है।
पहले से लागू था हाफ डे सिस्टम
गौरतलब है कि बिहार के सरकारी स्कूलों में पहले शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई का सिस्टम लंबे समय तक लागू रहा था। लेकिन दिसंबर 2023 के बाद इसे समाप्त कर दिया गया और सभी दिनों की तरह शनिवार को भी फुल डे कर दिया गया।
इसके बाद से ही शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इसे फिर से लागू करने की मांग लगातार उठती रही है।
शिक्षकों की परेशानी बनी बड़ी वजह
शिक्षकों का कहना है कि फुल डे सिस्टम के कारण खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें लंबी दूरी तय कर घर लौटना पड़ता है, जिससे उनके पारिवारिक और सामाजिक दायित्व प्रभावित होते हैं।
विधान परिषद में भी उठा मुद्दा
इस मुद्दे को हाल ही में विधान परिषद में भी उठाया गया था। जदयू एमएलसी संजीव सिंह समेत कई सदस्यों ने शनिवार को हाफ डे लागू करने की मांग की थी।
इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आश्वासन दिया था कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
नया प्रस्ताव: ‘बैगलेस डे’ की भी चर्चा
शिक्षक संगठनों की ओर से एक वैकल्पिक प्रस्ताव भी दिया गया है। इसमें सुझाव है कि:
- महीने के पहले और तीसरे शनिवार को पूर्ण अवकाश रहे
- दूसरे और चौथे शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के रूप में आधे दिन स्कूल चले
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों के मानसिक विकास और सीखने के माहौल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
नए सत्र से लागू होने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है और संभावना है कि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे लागू किया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
शिक्षा व्यवस्था में आ सकता है बड़ा बदलाव
यदि शनिवार को हाफ डे व्यवस्था बहाल होती है, तो इसका असर राज्य के करीब 80 हजार सरकारी स्कूलों के संचालन पर पड़ेगा। इससे न सिर्फ शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि छात्रों के लिए भी पढ़ाई का माहौल अधिक संतुलित हो सकेगा।
निष्कर्ष
बिहार में शनिवार हाफ डे व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चाएं अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी हैं। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर मुहर लगाते हैं, तो यह राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है।


