
भागलपुर | 19 जुलाई 2025: पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत बड़ी मोहनपुर मध्य विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षक प्रमोद मंडल (45 वर्ष) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत अत्यधिक कार्यभार और मतगणना कंट्रोल रूम द्वारा बनाए जा रहे लगातार दबाव के कारण हुई है।
मृतक की पत्नी सरिता देवी ने बताया कि शनिवार को कंट्रोल रूम से बार-बार कॉल आ रहे थे कि वे जल्द मतगणना केंद्र पहुंचे। इसी तनाव में प्रमोद मंडल ने जल्दी-जल्दी भोजन करते समय अचानक बेहोशी की हालत में गिर पड़े। उन्हें तत्काल पीरपैंती के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
दबाव के चलते शिक्षक की मौत का आरोप
परिवार वालों का कहना है कि प्रमोद मंडल को बूथ संख्या 170 पर बीएलओ ड्यूटी मिली थी, जहां वे 75% से अधिक कार्य पहले ही पूरा कर चुके थे। इसके बावजूद कंट्रोल रूम से दिनभर कॉल कर उन पर अनावश्यक दबाव डाला गया। मृतक के भाई राजकुमार मंडल और पत्नी ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ही उन्हें बिहपुर उपचुनाव में भी ड्यूटी दी गई थी और बिना पर्याप्त विश्राम के उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई।
परिवार में छाया मातम
प्रमोद मंडल अपने पीछे पत्नी सरिता देवी, मां, और तीन छोटे पुत्र—लक्षित राज (9), हर्ष राज (6), और ऋषि राज (2)—को छोड़ गए हैं। शिक्षक की असमय मौत से गांव खवासपुर में शोक की लहर है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती प्रमुख रश्मि कुमारी, बीडीओ अभिमन्यु कुमार, सीओ मनोहर कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बालदेव ठाकुर, शिक्षक ओम यादव, मानिकपुर मुखिया प्रतिनिधि गुंजन साह, और स्थानीय जनप्रतिनिधि दिलीप मंडल सहित कई लोग शोक-संवेदना प्रकट करने गांव पहुंचे। सभी ने परिजनों को ढांढस बंधाया और शिक्षक के परिवार को सरकार से आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की।
अन्य शिक्षकों ने भी लगाया दबाव का आरोप
प्राथमिक विद्यालय लक्ष्यमिनिया के शिक्षक केशव मंडल ने भी इस बात की पुष्टि की कि कंट्रोल रूम से लगातार कॉल आ रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें बूथ संख्या 169 और प्रमोद मंडल को बूथ 170 पर दो-दो बीएलओ कार्य सौंपे गए थे, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक दबाव में थे। इसके बावजूद दोनों शिक्षक ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे थे।


