बिहार में 2800 ईंट भट्ठों पर टैक्स बकाया, विभाग सख्त; 15 मार्च तक जांच कर वसूली का आदेश

राज्य में 6000 से ज्यादा संचालित ईंट भट्ठों में से बड़ी संख्या ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने जिलों के अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने और बकाया वसूली के निर्देश दिए हैं।

बिहार में संचालित ईंट भट्ठों द्वारा टैक्स जमा नहीं करने का बड़ा मामला सामने आया है। खान एवं भूतत्व विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि राज्य में हजारों भट्ठे ऐसे हैं जिन्होंने अब तक सरकार को देय टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य में करीब छह हजार से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 3200 भट्ठों ने ही समय पर टैक्स जमा किया है, जबकि करीब 2800 भट्ठों ने अभी तक एक रुपये का भी टैक्स नहीं चुकाया है। इतनी बड़ी संख्या में टैक्स बकाया होने से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

खान एवं भूतत्व विभाग ने इस मामले को लेकर सभी जिलों के खनन पदाधिकारियों और खान निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में ईंट भट्ठों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे भट्ठों के लाइसेंस, संचालन की वैधता और टैक्स भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करें।

विभाग ने यह भी आशंका जताई है कि कई स्थानों पर कुछ भट्ठा संचालक कागजों पर अपने भट्ठों को बंद दिखाते हैं, जबकि वास्तविकता में उनका संचालन जारी रहता है। ऐसे मामलों की पहचान करने के लिए अधिकारियों को भौतिक निरीक्षण करने और वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि संबंधित भट्ठों के पास वैध लाइसेंस है या नहीं और वे सरकार द्वारा तय मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। यदि किसी भट्ठे में अनियमितता या टैक्स चोरी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में टैक्स नहीं देने वाले ईंट भट्ठों की सूची तैयार करें और उनकी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजें। यह पूरी प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी करते हुए 15 मार्च तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि जिन भट्ठों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, उनसे बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे भट्ठों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

विभाग का मानना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य राज्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना है। यदि सभी ईंट भट्ठे समय पर टैक्स जमा करें तो इससे सरकार की आय में बढ़ोतरी होगी और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

  • Related Posts

    बिहार में हड़ताली अफसरों को डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की दो टूक— ‘काम पर लौटें वरना सीधे खत्म होगी नौकरी’; भू-माफियाओं की साजिश का भी जिक्र

    Share Add as a preferred…

    Continue reading