‘खाकी’ की सेहत का ख्याल: पुलिस सप्ताह पर लगा मेगा हेल्थ कैंप; IMA के सहयोग से पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों की हुई मुफ्त जांच

भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: अक्सर दूसरों की सुरक्षा और सेवा में व्यस्त रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए आज का दिन अपनी सेहत पर ध्यान देने वाला रहा। ‘बिहार पुलिस सप्ताह’ के अवसर पर शुक्रवार को भागलपुर पुलिस केंद्र में एक विशाल स्वास्थ्य शिविर (Health Camp) का आयोजन किया गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से आयोजित इस शिविर में सैकड़ों पुलिस जवानों और उनके परिजनों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।

कैंप की मुख्य विशेषताएं: एक ही छत के नीचे सारी जांचें

​पुलिस केंद्र में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ड्यूटी के तनावपूर्ण माहौल में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना था।

  • विशेषज्ञ परामर्श: शिविर में IMA के वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद रही, जिन्होंने सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर परामर्श दिया।
  • निःशुल्क जांच: शिविर के दौरान ब्लड प्रेशर (BP), शुगर लेवल (Diabetes), और सामान्य शारीरिक परीक्षण जैसी आवश्यक जांचें पूरी तरह मुफ्त की गईं।
  • परिजनों को भी लाभ: पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के लिए भी विशेष जांच की व्यवस्था की गई थी।

स्वस्थ बल, सशक्त समाज: बोले एसएसपी

​शिविर का उद्घाटन करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर ने पुलिस बल की कार्यक्षमता के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा:

​”पुलिस की ड्यूटी काफी चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है। एक स्वस्थ पुलिस बल ही समाज की बेहतर और प्रभावी ढंग से सेवा कर सकता है। समय-समय पर ऐसे आयोजनों से न केवल बीमारियों का पता चलता है, बल्कि कर्मियों के मनोबल में भी वृद्धि होती है।”

 

​एसएसपी ने भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के डॉक्टरों और इस आयोजन में सहयोग करने वाले सभी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

VOB का नजरिया: 24 घंटे की ड्यूटी और ‘फिटनेस’ की चुनौती

बिहार पुलिस के जवान अक्सर पर्व-त्योहारों और सुरक्षा ड्यूटी के कारण अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। अनियमित खान-पान और नींद की कमी के कारण पुलिस बल में उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। पुलिस सप्ताह के दौरान ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन एक सराहनीय कदम है। जरूरत इस बात की है कि यह केवल वार्षिक औपचारिकता न रहकर एक नियमित प्रक्रिया बने, ताकि हमारे रक्षक स्वयं सुरक्षित रह सकें।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

  • Related Posts

    होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू, यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी राहत

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर रिपोर्ट नहीं भरने पर सुपौल के 626 स्कूलों पर कार्रवाई, 11.30 लाख रुपये की कटौती

    Share Add as a preferred…

    Continue reading