टी-20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है। मेगा इवेंट के लिए घोषित स्क्वाड में कई बड़े नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का नाम भी शामिल है। गिल को टीम में जगह न मिलने के बाद चयन को लेकर बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने चयनकर्ताओं पर नाराज़गी जताते हुए गिल का खुलकर समर्थन किया है।
‘उसे टीम से क्यों निकाला गया?’
योगराज सिंह ने शुभमन गिल के चयन न होने पर सवाल उठाते हुए कहा,
“शुभमन गिल उप-कप्तान रहे हैं। उन्हें टीम से बाहर करने का कारण क्या है? क्या सिर्फ इसलिए कि वह 4-5 पारियों में असफल रहे? भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जिन्हें बार-बार मौके मिले, भले ही उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा नहीं रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर युवा खिलाड़ी कुछ पारियों में असफल होते हैं तो क्या उन्हें भी तुरंत टीम से बाहर कर दिया जाएगा। योगराज सिंह ने चयन प्रक्रिया में निरंतरता और भरोसे की जरूरत पर जोर दिया।
कपिल देव का उदाहरण दिया
योगराज सिंह ने अपने बयान में पूर्व कप्तान कपिल देव का उदाहरण देते हुए कहा,
“जब हम बिशन सिंह बेदी की कप्तानी में पाकिस्तान दौरे पर गए थे, तब कपिल देव बल्ले और गेंद दोनों से संघर्ष कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया। यही विश्वास बाद में भारतीय क्रिकेट के लिए फायदेमंद साबित हुआ।”
गिल का हालिया टी-20 फॉर्म
शुभमन गिल के हालिया टी-20 प्रदर्शन की बात करें तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी आखिरी तीन पारियों में उन्होंने 28, 0 और 4 रन बनाए थे। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी पांच पारियों में उनके स्कोर 37, 5, 15, 46 और 29** रहे।
गिल अपनी पिछली 8 टी-20 पारियों में कोई भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे, जिसे चयनकर्ताओं ने उनके बाहर होने की प्रमुख वजह माना है।
टीम चयन पर जारी है बहस
हालांकि गिल को टी-20 विश्व कप स्क्वाड में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए यह फैसला चर्चा में बना हुआ है। योगराज सिंह के बयान के बाद चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों को लेकर बहस और तेज हो गई है।


