नवगछिया/गोपालपुर | भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड की डीमहा पंचायत में रविवार (8 फरवरी 2026) को इंसानियत और सिस्टम दोनों शर्मसार हो गए। छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल एक महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल सकी, क्योंकि गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क ही नहीं है।
तस्वीर जो सवाल खड़े करती है: 20 KM का सफर और बेबसी
घायल महिला की पहचान अनीता देवी (पति: दर्शन पंडित) के रूप में हुई है।
- हादसा: अनीता देवी घर की सीढ़ी चढ़ने के दौरान गिर गई थीं। हालत गंभीर थी, डॉक्टर ने सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा।
- संघर्ष: एंबुलेंस चालक ने खराब रास्ते का हवाला देकर आने से मना कर दिया। मरता क्या न करता, परिजनों ने महिला को खाट पर लिटाया, एक आदमी ने हाथ में सलाइन (बोतल) पकड़ी और पैदल ही निकल पड़े।
- दूरी: वे लोग खाट को कंधों पर ढोते हुए लगभग 20 किलोमीटर दूर गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तब जाकर इलाज शुरू हो सका।
ग्रामीणों का दर्द: “2008 के बाद एक ईंट नहीं लगी”
ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी वे आदिम युग में जी रहे हैं।
- मिथिलेश (भतीजा): “हमारे पंचायत में पिछले 17 सालों से सड़क नहीं बनी है। न स्कूल है, न अस्पताल। कई बार नेता बदले, लेकिन हमारी किस्मत नहीं बदली।”
- मुकेश (ग्रामीण): “वर्ष 2008 के बाद से यहां सड़क निर्माण नहीं हुआ। रात में अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो उसकी जान भगवान भरोसे ही रहती है।”
900 वोटर, फिर भी उपेक्षा का शिकार
डीमहा पंचायत में करीब 900 मतदाता हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ‘सुशासन’ और विकास के नाम पर सीएम नीतीश कुमार को वोट दिया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ उपेक्षा मिली।
- आरोप: अधिकारियों का यहां कभी आना-जाना नहीं होता। सरकार ने इस गांव को मुख्यधारा से पूरी तरह काट दिया है।


