
पटना/नवादा, बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान रोह थाना क्षेत्र के कोसी बलियारी गांव निवासी टिंकू शर्मा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्नी का गंभीर आरोप: “पैसे मांगे तो बेरहमी से पीटा”
मृतक की पत्नी सिंधु देवी ने होटल मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति ने जब अपनी मेहनत की बकाया मजदूरी मांगी, तो उनके साथ जमकर मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि 1 मार्च को टिंकू शर्मा से उनकी आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें वह रोते हुए अपनी आपबीती सुना रहे थे।
पत्नी के मुताबिक, टिंकू ने बताया था कि होटल मालिक और उसके सहयोगियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी। कुछ समय बाद ही उनकी मौत की खबर घर पहुंची, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
10 साल से बाहर रहकर कर रहे थे मेहनत-मजदूरी
परिजनों के अनुसार, टिंकू शर्मा पिछले करीब 10 वर्षों से घर से दूर रहकर मजदूरी कर रहे थे। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वे अलग-अलग राज्यों में काम करते रहे। पिछले छह महीनों से वह बेंगलुरु के एक होटल में काम कर रहे थे।
उनकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। टिंकू अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
गांव में पसरा मातम, न्याय की मांग तेज
घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजन और ग्रामीण इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मृतक की पत्नी सिंधु देवी ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि बेंगलुरु पुलिस से समन्वय कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल, टिंकू शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
हालांकि, परिजनों के आरोपों ने इस मामले को गंभीर बना दिया है और अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आर्थिक मजबूरी में घर से दूर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
टिंकू शर्मा की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों प्रवासी मजदूरों की स्थिति को भी उजागर करती है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में घर से दूर जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं।


