
पटना, 8 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हलचल अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की प्रक्रिया के बीच अब सबकी नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच मंत्री विजय चौधरी के ताजा बयान ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
विजय चौधरी का बयान बना चर्चा का केंद्र
विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और फिर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसी बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
‘संकेतों’ ने बढ़ाया सस्पेंस
जब उनसे सीधे तौर पर अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि “जिन नामों की चर्चा हो रही है, वही सामने आएंगे।”
उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने अटकलों को और हवा दे दी है।
सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे?
राजनीतिक गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—सम्राट चौधरी। उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, उनके नाम पर बीजेपी और एनडीए के भीतर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। कुछ मौकों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से भी ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
NDA बैठक में होगा अंतिम फैसला
हालांकि, अंतिम निर्णय एनडीए की बैठक में ही लिया जाएगा। इस बैठक में बीजेपी, जदयू और अन्य सहयोगी दल मिलकर नए नेता का चयन करेंगे।
राजनीतिक समीकरणों, जातीय संतुलन और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए ही मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाई जाएगी।
बदलाव के संकेत, लेकिन आधिकारिक पुष्टि बाकी
राज्यसभा शपथ और संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच यह साफ है कि बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है।
हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी या सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है।
क्यों अहम है यह फैसला?
- बिहार की सत्ता का नया नेतृत्व तय होगा
- आगामी चुनावों की रणनीति प्रभावित होगी
- गठबंधन की राजनीतिक दिशा स्पष्ट होगी
सबकी नजरें अगले कदम पर
अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण, इस्तीफे और उसके बाद होने वाली एनडीए बैठक पर टिकी हैं।
यही बैठक तय करेगी कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।


