खबर के मुख्य बिंदु:
- महा-अभियान: अवैध होर्डिंग और बैनर के खिलाफ नगर विकास विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई।
- राजस्व लूट: विज्ञापन एजेंसियों पर पटना नगर निगम का ₹107.12 करोड़ बकाया; 54 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होने की कगार पर।
- भागलपुर में एक्शन: 10 प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज, ₹19 लाख से ज्यादा की दंड वसूली।
- सख्त चेतावनी: डिप्टी सीएम ने ‘आजीविका’ का बहाना बनाकर कोर्ट जाने वालों को भी आड़े हाथों लिया।
पटना: बिहार के शहरों की सूरत बिगाड़ने वाले और सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले ‘विज्ञापन सिंडिकेट’ की अब खैर नहीं है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अवैध होर्डिंग और बैनर लगाने वालों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि विज्ञापन के नाम पर राजस्व गबन करने वाले लोग ‘आर्थिक अपराधी’ हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब विभाग केवल जुर्माना ही नहीं लगाएगा, बल्कि जालसाजों को जेल भेजने की तैयारी में भी है।
भागलपुर नगर निगम का ‘हंटर’: 10 पर FIR
रेशम नगरी भागलपुर में अवैध होर्डिंग को लेकर सबसे सख्त कार्रवाई देखने को मिली है।
- प्राथमिकी: नगर निगम ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 10 बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
- जुर्माना: अब तक भागलपुर में अवैध विज्ञापनों के जरिए ₹19 लाख से अधिक की दंड राशि वसूल की जा चुकी है।
- संदेश: भागलपुर की तर्ज पर ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा और बेगूसराय में भी धावा दल अवैध होर्डिंग को उखाड़ फेंक रहा है।
पटना में ₹107 करोड़ का ‘होर्डिंग घोटाला’?
राजधानी पटना में स्थिति और भी गंभीर है। विज्ञापन एजेंसियों ने सरकारी पैसे को अपनी जागीर समझ लिया है।
- बकायेदारों की फौज: कुल 54 विज्ञापन एजेंसियों पर निगम का ₹107.12 करोड़ बकाया है।
- ब्लैकलिस्टिंग: विजय सिन्हा ने निर्देश दिया है कि जो एजेंसियां बकाया नहीं चुकाएंगी, उन्हें PDR एक्ट के तहत नोटिस भेजकर हमेशा के लिए ‘ब्लैकलिस्ट’ कर दिया जाए।
- रात में ऑपरेशन: भीड़-भाड़ वाले इलाकों में यातायात बाधित न हो, इसलिए निगम की टीमें रात के अंधेरे में भी बुलडोजर और क्रेन के साथ अवैध यूनिपोल हटा रही हैं।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- कुल कार्रवाई: राज्य के 38 जिलों के 264 निकायों में 11,000+ अवैध होर्डिंग पर एक्शन।
- पटना का रिपोर्ट कार्ड: 212 होर्डिंग हटाए गए, 309 को नोटिस दिया गया।
- सबसे ज्यादा एक्शन: पटना के पाटलिपुत्र अंचल में 59 अवैध होर्डिंग जमींदोज।
- बकाया राशि: पटना नगर निगम को ₹107.12 करोड़ की वसूली करनी है।
- कानूनी हथियार: PDR Act और FIR के जरिए होगी वसूली।
निजी भवनों पर भी ‘नकेल’
अब तक लोग समझते थे कि अपने घर की छत या दीवार पर विज्ञापन लगाकर वे बच जाएंगे, लेकिन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि:
- निजी भवनों पर बिना अनुमति लगे होर्डिंग भी अब अवैध माने जाएंगे।
- जिनके बकाये लंबित हैं, उन्हें नोटिस भेजकर होर्डिंग हटाने का आदेश दिया गया है।
- वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Survey) से हर अवैध पोल को चिन्हित किया जा रहा है।
VOB का नजरिया: शहर की खूबसूरती बनाम राजस्व की लूट
अवैध होर्डिंग केवल राजस्व की हानि नहीं हैं, बल्कि ये शहर की यातायात सुगमता और जन-सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं। आंधी-तूफान में ये अवैध होर्डिंग जानलेवा साबित होते रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा का यह कड़ा रुख स्वागत योग्य है, लेकिन असली चुनौती उस ‘सिंडिकेट’ को तोड़ने की है जो अधिकारियों की मिलीभगत से सालों तक राजस्व डकारता रहा। क्या ₹107 करोड़ की यह भारी-भरकम राशि सरकारी खजाने में वापस आएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।


