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सुप्रीम कोर्ट ने CBSE कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द करने वाली याचिका की सुनवाई 22 जून तक टाली

सुप्रीम कोर्ट में CBSE और CISCE 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं के लेकर दायर याचिका पर आज सुनवाई की गई। इस दौरान जस्टिस न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने कहा कि दोनों ही बोर्ड के क्राइटेरिया समान होने चाहिए और रिजल्ट की घोषणा भी एक साथ होनी चाहिए।

अन्य याचिकाओं पर भी होनी थी सुनवाई

इसके अलावा बोर्ड ने CBSE कंपार्टमेंट परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली 1152 छात्रों की याचिका पर भी सुनवाई की। साथ ही, शीर्ष अदालत ने विभिन्न राज्यों की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मामलों पर भी सुनवाई की। इस दौरान विभिन्न राज्यों के काउंसिल ने अपने-अपने राज्य की परीक्षाएं रद्द करने की स्थिति के बारे में बेंच को जानकारी दी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई कल यानी 22 जून तक के लिए टाल दी है।

17 जून को हुई थी सुनवाई

12वीं की बोर्ड परीक्षा पर सुबह 11 से हुई सुनवाई के दौरान उम्मीद की जा रही थी शीर्ष अदालत CBSE और CISCE के ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पर अंतिम फैसला सुना सकती है। इससे पहले इस मामले में 17 जून को हुई सुनवाई के दौरान ने CBSE और CISCE द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया को स्वीकार करते हुए कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था।

बोर्ड ने कोर्ट में पेश किया मार्किंग फॉर्मूला

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान बोर्ड की रिजल्ट तैयार करने को लेकर बनी 13 सदस्यीय कमेटी ने कोर्ट में परिणाम जारी करने के फॉर्मूले के बारे में बताया था। बोर्ड के मसौदे के मुताबिक, 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड के परिणाम को फाइनल रिजल्ट का आधार बनाया जाएगा। अगर सब कुछ सही रहा, तो 31 जुलाई तक रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। बोर्ड के इस फॉर्मूले पर आज मुहर लगने की उम्मीद थी, जिसे अब 22 जून तक टाल दिया है।