पटना। राज्य में घरेलू गैस (LPG), पाइपलाइन गैस (PNG), पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध रूप से जारी है। यह जानकारी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई।
बैठक में सभी प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि राज्य के सभी जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में ईंधन और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है।
बैठक में बताया गया कि राज्य की कुल गैस आपूर्ति का लगभग 98.5 प्रतिशत हिस्सा घरेलू सिलेंडरों का है और इसकी आपूर्ति लगातार जारी है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस की आपूर्ति को सीमित किया गया है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, ताकि वहां आवश्यक सेवाओं के लिए शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण तथा अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली की नियमित जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी जिलों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही अफवाहों पर लगाम लगाने और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर नियमित रूप से अपडेट जारी किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) और एडीएम (सप्लाई) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें आम जनता को राज्य में गैस और ईंधन की आपूर्ति की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा और संबंधित महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी साझा की जाएंगी।
इस बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) भी उपस्थित रहे।


