सुल्तानगंज/भागलपुर | 23 फरवरी, 2026: भागलपुर के सुल्तानगंज वासियों और दुनिया भर में फैले बाबा भोलेनाथ के भक्तों के लिए आज का दिन खुशियों भरा है। बिहार सरकार ने सुल्तानगंज के धार्मिक और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर दो बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहर को न केवल नई सड़क की सौगात दी है, बल्कि शहर के नाम बदलने की प्रक्रिया पर भी मुहर लगा दी है।
निर्माणाधीन गंगा पुल से बनेगा ‘शहरी एप्रोच रोड’
श्रद्धालुओं की सुगमता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निर्माणाधीन अगुवानी-अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल को लेकर बड़ा निर्णय लिया है:
- खास सुविधा: मुख्य पुल से सीधे शहर के लिए एक विशेष शहरी एप्रोच रोड बनाया जाएगा।
- मिलेगी राहत: अब भक्तों को पुल से मंदिर तक पहुँचने में संकरी गलियों या भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- विकास का मील का पत्थर: सभापति ने इसे शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मजबूती देने वाला कदम बताया है।
अब ‘अजगैबीनाथ धाम’ के नाम से जाना जाएगा शहर
सुल्तानगंज की पहचान अब उसके आराध्य देव के नाम से होगी। नाम बदलने की फाइल अब अपने अंतिम चरण में है:
- प्रस्ताव की पृष्ठभूमि: नगर परिषद ने 19 जून 2024 को ही शहर और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा था।
- अंतिम चरण: बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रही हैं।
- नई पहचान: बहुत जल्द रेलवे स्टेशन की तख्तियों और सरकारी दस्तावेजों में ‘सुल्तानगंज’ की जगह ‘अजगैबीनाथ धाम’ लिखा नजर आएगा।
श्रावणी मेला 2026: पहले से कहीं अधिक भव्य और सुरक्षित
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर डिप्टी सीएम ने विशेष आश्वासन दिया है:
- भव्य आयोजन: इस साल सावन के महीने में मेले का आयोजन पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित और भव्य तरीके से किया जाएगा।
- भक्तों की सुरक्षा: उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर जाने वाले लाखों कांवरियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए विशेष फंड और तकनीक का इस्तेमाल होगा।
द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण
सुल्तानगंज का नाम बदलना केवल पहचान का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई देने की कोशिश है। नया एप्रोच रोड बनने से यहाँ बुनियादी ढांचे में जो सुधार होगा, उसका सीधा लाभ स्थानीय व्यवसायियों और आम नागरिकों को मिलेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


