सुल्तानगंज विधानसभा सीट: कौन बनेगा सुल्तानगंज का सुल्तान, जानें पूरा समीकरण

बिहार फिलहाल विधानसभा चुनाव के रंग में रंगा हुआ है। इस बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भागलपुर के सुल्तानगंज विधानसभा सीट पर भी प्रचार जोरों पर है। यहां 28 अक्तूबर को पहले चरण में ही मतदान होना है। इस बीच सभी दलों के नेता अपने-अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए इलाके में लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

सुल्तानगंज के इस विधानसभा सीट पर इस बार मुख्य टक्कर जदयू के ललित नारायण मंडल और कांग्रेस के ललन यादव के बीच बताई जा रही है। इसके अलावा रालोसपा के हिमांशु प्रसाद और लोजपा की नीलम देवी भी मैदान में हैं। इस सीट के मौजूदा विधायक जदयू के सुबोध राय थे, जो लगातार दूसरी बार इस सीट पर विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे।

इस विधानसभा में कुल 3.22 लाख वोटर हैं। जिसमें 1.70 लाख यानि 52.9 प्रतिशत पुरुष और 1.50 लाख मतलब 46.7 प्रतिशत महिला वोटर हैं। यहां पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 50 प्रतिशत वोटिंग हई थी। इस सीट पर सबसे ज्यादा 60.8 प्रतिशत वोटिंग 1969 में हुई थी।

इसके अलावा जातीय समीकरण की बात करें तो मुस्लिम और यादव इस सीट पर निर्याणक की भूमिका में बताए जा रहे हैं, जबकि भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कुर्मी और रविदास भी ठीक-ठाक संख्या में हैं।

2015 के नतीजें: पिछले चुनाव में जदयू के सुबोध राय ने रोलोसपा के हिमांशु प्रसाद को 14,033 वोटों से हराया था।

सुल्तानगंज सीट पर अबतक कुल 17 बार विधानसभा का चुनाव हो चुका है जिसमें से 8 बार कांग्रेस, 4 बार जदयू और दो बार जनता दल के विधायक चुने गए हैं। इसके अलावा समता पार्टी, जनता पार्टी और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के विधायक भी इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। 2015 में जदयू के सुबोध राय दोबारा से विधायक चुने गए थे। अबतक के चुनावों में इस सीट पर सबसे ज्यादा 8 बार जीतने वाली कांग्रेस पिछले चार विधानसभा चुनाव से इस सीट को नहीं जात पाई है। अब इस बार देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस के ललन यादव इस लगातार हो रही हार पर विराम लगा पाएंगे।

बिहार में इस बार कुल तीन चरणों में चुनाव होना है। पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर, दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर और तीसरे एवं आखिरी चरण का चुनाव 7 नवंबर को होना है। पहले चरण का चुनाव नजदीक है और प्रचार-प्रसार भी तेजी पर है। पहले चरण में कुल 71 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। इन सभी सीटों के लिए तमाम पार्टियों के बड़े से लेकर छोटे नेता तक जमकर रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं। सभी चरणों के चुनाव के बाद 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।

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