सुल्तानगंज/भागलपुर | सावन 2025 की अंतिम सोमवारी
मूसलधार बारिश, उत्तरवाहिनी गंगा की कलकल धारा, और गूंजते “बोल बम” के जयकारे… ये नज़ारा था रविवार को सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम का, जहां बिहार, झारखंड, बंगाल, नेपाल और छत्तीसगढ़ से आए लाखों शिवभक्त कांवरिया और डाक बम ने सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर गंगा में पवित्र डुबकी लगाकर भोलेनाथ को जल अर्पण के लिए कूच किया।
भक्ति में डूबा रहा गंगा तट, बारिश भी नहीं डिगा सकी आस्था
सुबह से ही सुल्तानगंज का गंगा घाट शिवभक्तों की भीड़ से पट गया था। झमाझम बारिश भी इन श्रद्धालुओं के उत्साह को कम न कर सकी। कांवर कंधे पर, नंगे पाँव, शिव भक्ति में लीन – हर ओर सिर्फ हर हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी नारे।
शिवभक्तों ने उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर गंगाजल भरने के बाद पैदल यात्रा शुरू की, जो उन्हें देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक लेकर जाएगी।
प्रशासन रहा मुस्तैद, व्यवस्था रही चाक-चौबंद
इस महाआस्था के आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने में भागलपुर जिला प्रशासन भी पूरी ताकत से जुटा रहा।
- गंगा घाट से लेकर कच्ची कांवरिया पथ तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
- थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, सीओ रवि कुमार और विडिओ संजीव कुमार खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए रहे।
- नगर परिषद सुल्तानगंज ने घाटों और कांवर पथ पर युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया।
अद्भुत श्रद्धा, अविस्मरणीय नजारा
श्रद्धालु केवल पुरुष ही नहीं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भी भारी संख्या दिखाई दी। कई कांवरिया डाकबम की तेज रफ्तार में दौड़ते हुए नजर आए तो कई परिवार सहित कांवर उठाए चलते दिखे। भक्तों की आंखों में था सिर्फ एक ही लक्ष्य –
“भोलेनाथ को अंतिम सोमवारी पर जल अर्पण”
सावन की विदाई, लेकिन आस्था शिखर पर
सावन की अंतिम सोमवारी के साथ महाशिवरात्रि जैसी आस्था का समागम सुल्तानगंज में देखने को मिला।
अजगैबीनाथ धाम की छांव में कांवरियों का जनसैलाब इस बात का प्रतीक है कि श्रद्धा का कोई मौसम नहीं होता – जब आस्था हिलोर मारती है, तो बारिश भी अभिषेक बन जाती है।


