श्रावणी मेला को लेकर सुल्तानगंज स्टेशन पर अस्थायी जीआरपी थाना शुरू, सुरक्षा में तैनात होंगे सैकड़ों जवान

भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के आगाज को देखते हुए सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में कांवरियों और शिवभक्तों के सुल्तानगंज पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन और रेल पुलिस ने सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन परिसर में अस्थायी जीआरपी थाना का शुभारंभ किया गया। मेले की अवधि के दौरान यह थाना चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा और स्टेशन परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अस्थायी जीआरपी थाना का उद्घाटन रेल एसपी विद्यासागर और जमालपुर रेल जिला के एएसपी उमेश्वर चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने विधिवत फीता काटने और नारियल फोड़ने के बाद अस्थायी थाना की शुरुआत की। इस मौके पर रेल पुलिस के अधिकारियों और जवानों को श्रावणी मेला के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अस्थायी जीआरपी थाना की जिम्मेदारी डीएल मंडल को सौंपी गई है। उन्हें मेला अवधि के दौरान स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और कांवरियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेल पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

रेल एसपी विद्यासागर ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के सुल्तानगंज पहुंचने की संभावना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेन के माध्यम से यहां पहुंचते हैं और इसके बाद अजगैवीनाथ धाम से जल लेकर बाबा धाम की यात्रा के लिए आगे बढ़ते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है। उद्देश्य यह है कि किसी भी यात्री या कांवरिया को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और स्टेशन पर आने-जाने की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्टेशन परिसर में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा करीब 50 रेल पुलिस अधिकारियों को भी मेला अवधि के दौरान विभिन्न स्थानों पर जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में दंडाधिकारी भी तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति या भीड़ से जुड़ी समस्या से तत्काल निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था में सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ये जवान आम यात्रियों के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखेंगे।

रेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाने की तैयारी की गई है। स्टेशन के प्रमुख प्रवेश और निकास द्वार पर डोर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से स्टेशन में प्रवेश करने वाले यात्रियों की सुरक्षा जांच की जाएगी। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक हैंड मेटल डिटेक्टर के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि का पता चलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

श्रावणी मेला के दौरान स्टेशन पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में 15 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी है। इन कैमरों के माध्यम से स्टेशन के महत्वपूर्ण हिस्सों, प्रवेश और निकास मार्गों तथा भीड़ वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। सीसीटीवी निगरानी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। स्टेशन परिसर में आई हेल्प यू बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां यात्रियों और कांवरियों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन की व्यवस्था, यात्रा से जुड़ी जानकारी और जरूरत के अनुसार मार्गदर्शन देने में इन सहायता केंद्रों की अहम भूमिका रहेगी।

अस्थायी जीआरपी थाना मेला अवधि के दौरान 24 घंटे कार्यरत रहेगा। यहां तैनात पुलिसकर्मी किसी भी शिकायत या सुरक्षा संबंधी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। स्टेशन पर किसी यात्री के सामान की चोरी, गुमशुदगी, संदिग्ध गतिविधि या अन्य आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। अधिकारियों ने थाना में तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं और यात्रियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश भी दिए हैं।

श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त होमगार्ड जवानों की भी तैनाती की जाएगी। पुलिस और होमगार्ड के जवानों को अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में किसी तरह की परेशानी न हो। स्टेशन परिसर के संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

रेल पुलिस की ओर से संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने की भी व्यवस्था की गई है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती का उद्देश्य भीड़ में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान करना है। पुलिसकर्मी यात्रियों के सामान और गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए वरीय रेल अधिकारी समय-समय पर स्टेशन का औचक निरीक्षण भी करेंगे। इन निरीक्षणों के दौरान पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश और निकास व्यवस्था, सहायता केंद्रों तथा यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेला अवधि में सुरक्षा इंतजामों में किसी तरह की कमी न रहे।

श्रावणी मेला सुल्तानगंज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और गंगा घाट से जल लेकर कांवर यात्रा पर निकलते हैं। सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन इस यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख परिवहन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में स्टेशन पर भीड़ का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। रेल प्रशासन के सामने चुनौती यह रहती है कि भारी संख्या में आने वाले यात्रियों को सुरक्षित तरीके से स्टेशन से बाहर निकालने के साथ-साथ ट्रेन से आने और जाने वाले यात्रियों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे।

इसी को ध्यान में रखते हुए रेल पुलिस ने सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्रवेश और निकास द्वारों की निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की गई है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर समन्वय और समय पर निगरानी से भीड़ के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और स्टेशन पर तैनात पुलिसकर्मियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। यात्रियों से कहा गया है कि वे अपने सामान की स्वयं निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तत्काल सुरक्षा कर्मियों को दें। भीड़ के बीच किसी तरह की अफवाह फैलाने से बचने और आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखने की भी अपील की गई है।

अस्थायी जीआरपी थाना के शुभारंभ के साथ ही श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगी हैं। रेल पुलिस और प्रशासन की ओर से की जा रही व्यापक तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारी, सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी, होमगार्ड, सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर और 24 घंटे सक्रिय अस्थायी जीआरपी थाना की व्यवस्था से मेला अवधि में सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सकेगा।

रेल प्रशासन का प्रयास है कि श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिले। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यात्रियों की सहायता और सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में अधिकारियों की निगरानी में तैयारियों को और बेहतर किया जाएगा, ताकि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और श्रद्धालु बिना किसी बड़ी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

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