श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर सुल्तानगंज नगर परिषद में सामान्य बोर्ड बैठक, 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सुल्तानगंज नगर परिषद ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विशाल आयोजन को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद सुल्तानगंज के सभागार में सामान्य बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, पहचान पत्र व्यवस्था और विभिन्न वार्डों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद उन्हें स्वीकृति भी दी गई।

बैठक की अध्यक्षता सशक्त स्थायी समिति के सदस्य ने की। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक तथा कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नगर परिषद के सभी वार्ड पार्षद, सांसद प्रतिनिधि और परिषद के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

में आयोजित इस संयुक्त बैठक का मुख्य एजेंडा श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था। हर वर्ष सावन महीने में लाखों कांवरिये सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां गंगा जल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकलते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी प्रशासन और नगर निकाय के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी वजह से मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं की सूक्ष्म समीक्षा की जा रही है।

बैठक में वार्ड स्तर की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की सड़क, जल निकासी, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उठाईं। अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता तय करने और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। नगर परिषद का मानना है कि श्रावणी मेला के दौरान स्थानीय आधारभूत संरचना मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से संसाधनों पर दबाव भी बढ़ जाता है।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में रामानंद पासवान ने बताया कि सामान्य बोर्ड बैठक में श्रावणी मेला से संबंधित कुल 26 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों का उद्देश्य मेला क्षेत्र में सुविधाओं को बेहतर बनाना और व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित करना है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद इस बार मेला को पहले से अधिक संगठित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है।

सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में पंडा, दुकानदार और फोटोग्राफरों के लिए पहचान पत्र बनाने की व्यवस्था शामिल रही। इसके लिए विशेष एजेंसी चयन का निर्णय लिया गया। प्रशासन का मानना है कि पहचान पत्र प्रणाली लागू होने से मेला क्षेत्र में कार्यरत लोगों की पहचान स्पष्ट होगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। इससे अवैध गतिविधियों और फर्जी पहचान से जुड़े मामलों पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

बैठक में सूचना प्रसारण व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई। मेला क्षेत्र में घोषणाएं, दिशा-निर्देश और आपातकालीन सूचनाएं समय पर यात्रियों तक पहुंचाने के लिए विशेष एजेंसी चयन का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन और आपदा नियंत्रण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यात्री धर्मशालाओं के रंग-रोगन, मरम्मत और सौंदर्यीकरण को मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मेला अवधि में हजारों श्रद्धालु धर्मशालाओं में रुकते हैं, इसलिए उनकी स्थिति बेहतर होना आवश्यक है। इस बार धर्मशालाओं में साफ-सफाई, पेंटिंग और आवश्यक मरम्मत कार्य पहले से पूरे कराने का लक्ष्य रखा गया है।

लाइटिंग व्यवस्था भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना पर सहमति बनी। रात्रि के समय बड़ी संख्या में कांवरियों की आवाजाही होती है, इसलिए स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट और अस्थायी प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। अच्छी रोशनी सुरक्षा और सुगम आवागमन दोनों के लिए आवश्यक मानी जाती है।

स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। नगर परिषद ने मेला क्षेत्र में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती, नियमित कचरा उठाव और अस्थायी डस्टबिन व्यवस्था पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना इस बार सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है ताकि श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।

बैठक में नल-जल योजना और पेयजल आपूर्ति पर भी चर्चा हुई। मेला अवधि में पानी की मांग कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए अतिरिक्त जलापूर्ति और अस्थायी जल केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना स्वास्थ्य और सुविधा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजनों की सफलता का आधार केवल धार्मिक व्यवस्थाएं नहीं बल्कि मजबूत शहरी प्रबंधन भी होता है। सड़क, जल, बिजली, सफाई और सुरक्षा जैसी सेवाएं जितनी बेहतर होंगी, श्रद्धालुओं का अनुभव उतना ही सुगम होगा। नगर परिषद की यह बैठक इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सुल्तानगंज नगर परिषद की यह सामान्य बोर्ड बैठक संकेत देती है कि प्रशासन श्रावणी मेला 2026 को लेकर किसी प्रकार की चूक नहीं चाहता। 26 प्रस्तावों की मंजूरी के साथ मेला तैयारियों को नई गति मिली है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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