पटना। पेराई सत्र शुरू होते ही बिहार में गन्ना खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य की चीनी मिलों ने अब तक 351.63 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना किसानों से खरीदा है। राहत की बात यह है कि इसके एवज में 85 प्रतिशत से अधिक भुगतान किसानों को किया जा चुका है।
राज्य सरकार और ईख विभाग के अनुसार, मिलों को समय पर भुगतान के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की आर्थिक परेशानी न हो।
हरिनगर बनी नंबर वन मिल
गन्ना खरीद के मामले में हरिनगर चीनी मिल सबसे आगे है। इसके बाद नरकटियागंज और बगहा का स्थान है।
अब तक खरीदे गए गन्ने का विवरण (लाख क्विंटल में):
- हरिनगर – 81.80
- नरकटियागंज – 59.33
- बगहा – 53.01
- मझौलिया – 36.43
- हसनपुर – 27.09
- सिधवलिया – 26.34
- गोपालगंज – 21.98
- लौरिया – 19.53
- सुगौली – 15.05
- रीगा – 7.67
- प्रतापपुर (सीवान) – 3.40
किसानों को मिली बड़ी राहत
अब तक किए गए कुल भुगतान में 85 प्रतिशत से अधिक राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष राशि का भुगतान भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
ईखायुक्त का सख्त निर्देश
ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि सभी चीनी मिलों को गन्ना क्रय का अद्यतन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जिन मिलों पर भुगतान बकाया है, उन्हें शीघ्र भुगतान करने का आदेश भी जारी किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस बार किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर सुविधा देना प्राथमिकता है, ताकि गन्ना उत्पादन को और बढ़ावा मिल सके।


