
पटना, 23 मार्च 2026: राजधानी पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गन्ना उद्योग विभाग ने राज्य के कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के अपने रोडमैप को प्रस्तुत किया। इस मौके पर गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है, और इस दिशा में गन्ना उद्योग विभाग अहम भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने और नई मिलों की स्थापना के लिए तेज गति से काम चल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों के परिणाम जल्द ही सामने आएंगे और इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
तीन नई चीनी मिलों की तैयारी, निवेशकों की दिलचस्पी
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष तीन नई चीनी मिलों का शिलान्यास किया जाएगा। इसके लिए उच्चस्तरीय समिति लगातार काम कर रही है।
अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अन्य राज्यों के निवेशक भी रुचि दिखा रहे हैं। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पुणे सहित कई क्षेत्रों के निवेशकों के साथ बातचीत जारी है, जिससे राज्य में बड़े निवेश की संभावना बनी हुई है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई पहल
मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। गन्ना मूल्य में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, वहीं राज्य सरकार द्वारा 10 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को आधुनिक तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
20 जिलों में उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान
मंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 20 जिलों में गन्ना उत्पादन में कमी आई थी। इसे बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है, ताकि बिहार एक बार फिर अपने पुराने कृषि और औद्योगिक गौरव को प्राप्त कर सके।
इथेनॉल और गुड़ उत्पादन को भी बढ़ावा
गन्ना आधारित उद्योगों को मजबूती देने के लिए राज्य में इथेनॉल उत्पादन को बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और ऊर्जा क्षेत्र में भी योगदान बढ़ेगा।
वहीं ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि राज्य में गुड़ उत्पादन को लेकर भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब तक 10 गुड़ उत्पादन इकाइयां शुरू हो चुकी हैं और बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समस्तीपुर की एक इकाई द्वारा लाया गया चार क्विंटल गुड़ एक ही दिन में बिक गया, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
प्रदर्शनी और नवाचार बने आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान गन्ना उद्योग विभाग के पवेलियन का उद्घाटन किया गया, जहां चीनी मिलों के मॉडल, आधुनिक तकनीक और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शनी किसानों, उद्यमियों और आम लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
निष्कर्ष
बिहार दिवस के मंच से गन्ना उद्योग विभाग ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत कर रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
यदि ये योजनाएं जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो आने वाले समय में बिहार न केवल कृषि क्षेत्र में बल्कि औद्योगिक विकास में भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है।


