पटना डेयरी (कंफेड) की पटना इकाई में मंगलवार को सुधा की ओर से आयोजित ‘दही खाओ इनाम पाओ’ प्रतियोगिता लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। पूरी तरह मनोरंजन से भरपूर इस अनोखी प्रतियोगिता में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
महिला, पुरुष, वरिष्ठ नागरिक और बच्चों जैसी अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को तीन मिनट के भीतर अधिक से अधिक दही खाने की चुनौती दी गई। खास बात यह रही कि महिला वर्ग की विजेता ने पुरुष वर्ग के विजेता से भी ज्यादा दही खाकर सभी को चौंका दिया। प्रतियोगिता के अंत में हर श्रेणी के शीर्ष तीन प्रतिभागियों को सुधा की ओर से गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया गया, जिसमें दूध, दही और अन्य उत्पाद शामिल थे।
पुरुष वर्ग में कुलकुल कुमार रहे विजेता
पुरुष वर्ग में पटना के बाढ़ निवासी कुलकुल कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र तीन मिनट में 3 किलो 105 ग्राम दही खाकर पहला स्थान हासिल किया। पटना के सदीशोपुर निवासी अनिल कुमार ने 3 किलो 75 ग्राम दही खाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि संपतचक के अजीत कुमार ने 2 किलो 925 ग्राम दही खाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
महिला वर्ग में रोजी परवीन का दमदार प्रदर्शन
महिला वर्ग में पटना के अलीनगर की रोजी परवीन ने तीन मिनट में 3 किलो 340 ग्राम दही खाकर पहला स्थान प्राप्त किया। बाजार समिति की सुनीता देवी ने 3 किलो 325 ग्राम दही खाकर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि कंकड़बाग की ज्योत्सना कुमारी ने 3 किलो 305 ग्राम दही खाकर तीसरा स्थान अपने नाम किया।
वरिष्ठ नागरिक वर्ग में भी दिखा जोश
वरिष्ठ नागरिक पुरुष श्रेणी में पटना के दानापुर निवासी हरेन्द्र राय ने तीन मिनट में 3 किलो 550 ग्राम दही खाकर पहला स्थान हासिल किया। जहानाबाद के प्रणय शंकर कांत दूसरे और पटना के बिरला कॉलोनी निवासी खुर्शीद आलम तीसरे स्थान पर रहे।
वरिष्ठ नागरिक महिला वर्ग में राजीव नगर, पटना की मधु देवी ने 2 किलो 450 ग्राम दही खाकर पहला स्थान प्राप्त किया। राजेन्द्र नगर की विभा देवी दूसरे और अनिसाबाद की आशा देवी तीसरे स्थान पर रहीं।
हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और वरिष्ठ नागरिक सभी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। जैसे ही तीन मिनट का समय शुरू हुआ, प्रतिभागी पूरी एकाग्रता से दही खाने में जुट गए। कोई दोनों हाथों से दही खाता नजर आया तो कोई एक के बाद एक डब्बे खाली करता दिखा। यह नजारा दर्शकों के लिए किसी लाइव मनोरंजन कार्यक्रम से कम नहीं था।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
महिला वर्ग की प्रतिभागी सुषमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इस बार उन्होंने चार डब्बे दही खाए, लेकिन जीत न पाने के बावजूद अनुभव को शानदार बताया।
वहीं बाजार समिति की सुनीता कुमारी, जिन्होंने तीन मिनट में करीब 11 डब्बे दही खाए, प्रतियोगिता की चर्चित प्रतिभागी रहीं। उन्होंने कहा कि पिछली बार वह आधा भी नहीं खा पाई थीं, लेकिन इस बार अपने प्रदर्शन से खुद को संतुष्ट महसूस कर रही हैं।
दर्शकों के लिए भी रहा भरपूर मनोरंजन
प्रतियोगिता देखने पहुंचीं अनुपम गोस्वामी ने कहा कि लोगों को दोनों हाथों से दही खाते देखना बेहद मजेदार लग रहा था। कई प्रतिभागियों को 5 से 10 डब्बे दही खाते देख वह खुद भी हैरान रह गईं।
रोजाना 50 हजार किलो दही उत्पादन की क्षमता
पटना डेयरी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक रूपेश राज ने बताया कि ‘दही खाओ प्रतियोगिता’ पिछले 15 वर्षों से आयोजित की जा रही है और इस साल इसका 16वां आयोजन था। उन्होंने कहा कि उनके लिए प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाला हर व्यक्ति विजेता है।
उन्होंने बताया कि पटना डेयरी में प्रतिदिन 50 हजार किलो दही उत्पादन की क्षमता है और संग्रहित दूध का करीब 90 प्रतिशत छोटे पशुपालकों से लिया जाता है, जिनके पास एक से दो गाय हैं।


