बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले उपचुनावों में ECI की तकनीकी पहलों का सफल परीक्षण: पारदर्शी और डिजिटल चुनाव की दिशा में निर्णायक कदम

नई दिल्ली | 19 जून 2025:बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनाव प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और मतदाता-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के पांच विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों में नई तकनीकी एवं प्रबंधन पहलों का सफल परीक्षण किया।

इन पहलों का नेतृत्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तगण डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी द्वारा किया गया। यह कदम लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया – चुनाव – को और अधिक उत्तरदायी, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


किन उपचुनाव क्षेत्रों में हुआ परीक्षण?

इन प्रयोगों का परीक्षण निम्नलिखित विधानसभा क्षेत्रों में किया गया:

  • गुजरात: 24-कड़ी (SC), 87-विसावदर
  • केरल: 35-नीलांबूर
  • पंजाब: 64-लुधियाना पश्चिम
  • पश्चिम बंगाल: 80-कालिगंज

कुल 1354 मतदान केंद्रों पर नई तकनीकों को लागू किया गया।


प्रमुख तकनीकी पहलें और नवाचार

  1. मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा सुविधा

    मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार पर पिजनहोल बॉक्स या जूट बैग रखकर सभी मतदाताओं को मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा दी गई। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं PwD मतदाताओं के लिए उपयोगी रही।

  2. उन्नत वोटर टर्नआउट (VTR) प्रक्रिया

    मतदान दिवस पर प्रत्येक दो घंटे में मतदान प्रतिशत दर्ज करने की सुविधा दी गई, जिससे मतदान प्रवृत्तियों की त्वरित जानकारी संभव हुई।

    • मतदान समाप्ति के तुरंत बाद ECINET ऐप के माध्यम से पीठासीन अधिकारी ने मतदान केंद्र छोड़ने से पहले ही अंतिम VTR डेटा दर्ज किया।
    • जहां नेटवर्क नहीं था, वहां ऑफलाइन मोड में डेटा दर्ज कर बाद में सिंक्रनाइज़ किया गया।
  3. 100% वेबकास्टिंग व्यवस्था

    लगभग सभी मतदान केंद्रों पर मतदान दिवस की गतिविधियों की 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की गई, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया पर रीयल-टाइम निगरानी संभव हुई।

    • RO, DEO और CEO स्तर पर निगरानी टीमें गठित की गई थीं।
  4. मॉक पोल प्रशिक्षण

    सभी पीठासीन अधिकारियों को व्यक्तिगत मॉक पोल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे मतदान के दिन प्रक्रियाएं अधिक सुसंगत और त्रुटिरहित रहीं।

  5. विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)

    लगभग दो दशकों में पहली बार उपचुनावों से पहले मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया गया।


पारंपरिक प्रणाली से तकनीकी क्रांति की ओर

पहले मतदान प्रतिशत की जानकारी फोन कॉल, SMS या मैन्युअल रिपोर्टिंग से जुटाई जाती थी, जिससे आंकड़े देर से अपडेट होते थे। अब ECINET आधारित रियल-टाइम डेटा एंट्री से देरी समाप्त हो गई है और पारदर्शिता बढ़ी है।


बिहार चुनाव 2025 की तैयारियों में तेजी

इन उपचुनावों में सफल परीक्षण से संकेत स्पष्ट हैं — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में यह सभी तकनीकी पहलें पूर्ण रूप से लागू की जाएंगी। इससे मतदान प्रक्रिया:

  • डिजिटल रूप से सशक्त
  • मतदाता अनुकूल
  • भरोसेमंद एवं पारदर्शी
    बनेगी, जो भारतीय लोकतंत्र को एक नवीन दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।

ECI की यह पहल लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, विश्वसनीय चुनाव प्रणाली और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के एकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस दिशा में पहला पूर्ण डिजिटल प्रयोग हो सकता है।


 

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