सुब्रमण्यम स्वामी ने बताया ‘कैसे नष्ट हुए सुशांत केस के सबूत’, ऑटोप्सी रिपोर्ट पर कही ये बात

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को दावा किया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सबूतों को ‘व्यवस्थित’ तरीके से नष्ट किया गया है। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने सुशांत के पोस्टमार्टम को लेकर मुंबई पुलिस के दावे पर सवाल उठाए थे।

स्वामी ने ट्विटर के जरिए लिखा-”सबूतों को व्यवस्थित तरीके से नष्ट किया गया है। इसके लिए श्रमसाध्य पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। चूंकि सुशांत का अगले दिन अंतिम संस्कार किया गया था, कूपर अस्पताल की ऑटोप्सी रिपोर्ट का पुनर्मूल्यांकन सबसे कठिन है। इसलिए इस अंतर को CBI द्वारा लिए गए परिस्थितिजन्य सबूतों और बयानों से भरना होगा।”

मुंबई पुलिस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा था कि ‘एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह तय नहीं कर पाएगी कि यह हत्या थी या आत्महत्या।’ उन्होंने ट्विटर पर कहा कि ‘एम्स की रिपोर्ट केवल यह दिखा सकती है कि कूपर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा क्या किया गया था या क्या नहीं किया गया था।’

सुशांत की मौत की जांच में CBI की मदद करने के लिए गठित एम्स पैनल के फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम उन डॉक्टरों से पूछताछ करने के लिए मुंबई गई थी जिन्होंने दिवंगत अभिनेता का पोस्टमार्टम किया था।

फोरेंसिक सूत्रों ने खारिज किया दावा

सुशांत की मौत की जांच में शामिल फोरेंसिक सूत्रों ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि उनकी मौत से मर्डर के एंगल को निकाल दिया गया है और केवल आत्महत्या के एंगल से जांच हो रही है। सूत्रों ने रिपब्लिक टीवी से इसकी पुष्टि की।

हर एंगल की जांच करेगा एम्स पैनल 

पिछले हफ्ते जांच में टीम का नेतृत्व करने वाले एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा था कि हत्या की संभावना की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम हत्या की आशंका को देखेंगे हालांकि सभी संभावित एंगल की गहराई से जांच की जाएगी।’’ उन्होंने बताया था कि सुशांत के शरीर पर घाव के निशानों को देखकर परिस्थितिजन्य सबूतों से उनका मिलान किया जाएगा।

गुप्ता ने कहा, ‘‘संरक्षित विसरा की जांच की जाएगी। राजपूत को डिप्रेशन दूर करने के लिए जो दवाएं दी जा रही थीं उनका विश्लेषण एम्स की प्रयोगशाला में किया जाएगा।’’

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