
मधेपुरा, 7 अप्रैल 2026: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच विजिलेंस अन्वेषण ब्यूरो को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
चाय की दुकान पर बिछाया गया जाल
विजिलेंस टीम ने इस कार्रवाई को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता को थाने के पास स्थित एक चाय की दुकान पर पैसे लेकर आने को कहा था।
टीम पहले से ही सादे कपड़ों में वहां मौजूद थी और मौके पर नजर रख रही थी। जैसे ही दरोगा ने रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस अधिकारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया।
जमीन विवाद के मामले में मांगी थी रिश्वत
यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता वशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा का केस अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) की अदालत में चल रहा था।
SDO की ओर से इस मामले में पुरैनी थाने से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। इस केस के जांच अधिकारी (IO) अनिल कुमार सिंह थे। आरोप है कि उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 7 हजार रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पीड़ित ने 20 मार्च को पटना स्थित विजिलेंस मुख्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई और सफलतापूर्वक उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
मधेपुरा में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज़ी से जारी है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।


