भागलपुर विश्वविद्यालय में छात्र राजद का उग्र प्रदर्शन, प्रभारी कुलपति के खिलाफ नारेबाजी और पुतला दहन

भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्र राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के छात्र संगठन छात्र राजद ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रभारी कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर अपना आक्रोश जाहिर किया।

छात्रों का आरोप: दोहरे पद से प्रभावित हो रहा कामकाज
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय में एक ही अधिकारी को दो-दो महत्वपूर्ण पद दिए जाने के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि इस वजह से छात्रों से जुड़े कई जरूरी काम लंबे समय से लंबित हैं, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों के अनुसार, नामांकन, परीक्षा, रिजल्ट और अन्य शैक्षणिक कार्यों में देरी आम हो गई है, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।

प्रशासन पर उदासीनता का आरोप
छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभारी कुलपति छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं हैं। उनका दावा है कि कुलपति विश्वविद्यालय आने के बावजूद छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल फाइलों में ही व्यस्त रहते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पद से हटाने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
छात्र नेताओं ने प्रभारी कुलपति को तत्काल पद से हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छात्र हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।

लगातार बढ़ रहा टकराव
गौरतलब है कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में इस तरह के विरोध प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं। लगातार हो रहे प्रदर्शनों से साफ है कि छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया:
छात्र राजद के महासचिव गुंजन यादव और अध्यक्ष लालू यादव ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

निष्कर्ष:
भागलपुर विश्वविद्यालय में बढ़ता छात्र आक्रोश प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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