- सड़क पर आक्रोश: फुलवारी शरीफ में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा; एम्स गोलंबर पर 5 घंटे तक लगा रहा भीषण जाम
- पुलिस का एक्शन: सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में भाकपा माले के पूर्व विधायक और 60 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज
- गंभीर आरोप: परिजनों का दावा- दरिंदगी के बाद छत से फेंककर की गई हत्या; पूर्व विधायक ने की न्यायिक जांच की मांग
द वॉयस ऑफ बिहार (फुलवारी शरीफ/पटना)
पटना के फुलवारी शरीफ में एक 16 वर्षीय कोचिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ने कानून-व्यवस्था और राजनीति में भूचाल ला दिया है। 11वीं कक्षा की छात्रा की मौत टॉप फ्लोर से गिरने के कारण हुई थी, जिसे परिजन हत्या बता रहे हैं। इस घटना के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए भाकपा माले (CPI-ML) के पूर्व विधायक गोपाल रविदास समेत 5 नामजद और 60 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है
5 घंटे तक थम गया एम्स रोड
घटना से आक्रोशित लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एम्स गोलंबर (AIIMS Roundabout) के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान करीब 5 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और पुलिस को हालात काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी
परिजनों का आरोप: ‘यह हादसा नहीं, हत्या है’
मृतका के परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसे छत से नीचे फेंककर मार डाला गया। इस आरोप के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है
पुलिस बनाम सियासत
जाम खत्म होने के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पूर्व विधायक समेत अन्य पर केस दर्ज किया है।
- विधायक का पलटवार: पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने इसे ‘दमनात्मक कार्रवाई’ बताया है। उन्होंने कहा कि न्याय मांगना अपराध नहीं है। उन्होंने एसआईटी (SIT) जांच पर अविश्वास जताते हुए न्यायिक जांच आयोग के गठन की मांग की है और कहा है कि जरूरत पड़ी तो वे जेल जाने को भी तैयार हैं


