सुल्तानगंज (भागलपुर): भागलपुर जिले के सुल्तानगंज–अगुवानी गंगापुल एप्रोच पथ निर्माण कार्य में बने अतिक्रमण को हटाने के लिए बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम कार्यस्थल पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही अतिक्रमणकारियों ने नोटिस और मुआवजा न मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया, जिससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को बताया कि कई परिवारों को अब तक कोई लिखित नोटिस या मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है, जबकि कुछ लोगों को नोटिस मिलने के बाद मुआवजा भी दे दिया गया है। अतिक्रमणकारियों का कहना था कि जिन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, उनके घर भी तोड़े जा रहे हैं, जो उनके साथ अन्याय है।
मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार एवं अंचल पदाधिकारी शालिनी कुमारी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया कानून के तहत जारी है और जिन लोगों को अब तक राशि नहीं मिली है, उनकी समस्या का समाधान शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगुवानी पुल एप्रोच पथ का निर्माण कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में निर्माण कार्य में बाधा नहीं आने दी जाएगी और अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।
अतिक्रमणकारियों ने प्रशासन से दो से चार दिनों की मोहलत देने की मांग की, ताकि वे खुद अपने मकान हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट हो सकें। उनका कहना था कि जेसीबी से मकान तोड़े जाने पर भारी नुकसान होगा, वहीं अभी तक दूसरी जगह जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। लोगों ने भरोसा दिलाया कि जमीन मिलते ही वे स्वयं मकान खाली कर देंगे।
प्रशासन ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए चार दिनों की मोहलत देते हुए लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। इसी दौरान कुछ लोगों की जेसीबी चालक से नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित कर मामला शांत करा दिया।
बाइट
बबलू पासवान, अतिक्रमणकारी
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विंदो देवी, अतिक्रमणकारी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सहयोग करें, ताकि पुल एप्रोच पथ निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके और आम जनता को इसका लाभ मिल सके।


