पटना:बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर अब सख्ती दिखा दी है। नीतीश सरकार ने “बिहार सरकार सेवक आचार संशोधन नियमावली–2026” लागू कर दी है। इसके तहत अब फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सरकारी कर्मियों के व्यवहार के लिए स्पष्ट और कड़े नियम तय कर दिए गए हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।
क्यों बदले गए नियम?
डॉ. राजेंद्र ने बताया कि पहले की आचार संहिता में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का स्पष्ट जिक्र नहीं था। समय के साथ इन माध्यमों पर
- गोपनीय जानकारी लीक,
- विभागीय आलोचना,
- पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट
जैसे मामलों में बढ़ोतरी हुई, इसलिए नियमों में संशोधन जरूरी हो गया।
अब सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?
1. अकाउंट बनाने से पहले अनुमति जरूरी
अब कोई भी सरकारी सेवक बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकेगा, चाहे वह अपने नाम से हो या छद्म नाम से।
2. सरकारी ईमेल/मोबाइल से अकाउंट बनाना प्रतिबंधित
सरकारी आईडी, ईमेल या मोबाइल नंबर का उपयोग निजी सोशल मीडिया अकाउंट के लिए नहीं किया जा सकेगा।
3. रील, वीडियो और लाइव पर पूरी रोक
- कार्यालय, बैठक या सरकारी परिसर के वीडियो
- रील बनाना
- फेसबुक/इंस्टाग्राम लाइव करना
पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इन बातों पर होगी सीधी कार्रवाई
- अश्लील, भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट
- गुमनाम या फर्जी अकाउंट चलाना
- सरकार, नीतियों, योजनाओं या कोर्ट के आदेशों पर निजी टिप्पणी
- गोपनीय या संवेदनशील दस्तावेज शेयर करना
- शिकायत, रिपोर्ट या आदेश सोशल मीडिया पर डालना
- अपने अकाउंट से किसी तरह की कमाई करना
- जाति या धर्म के आधार पर अपमानजनक टिप्पणी
सरकार का साफ संदेश
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता को हल्के में नहीं लिया जाएगा। नए नियमों का उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई, निलंबन या सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है।


