
भागलपुर | 14 मार्च, 2026: भारत निर्वाचन आयोग के कड़े निर्देशों के आलोक में शनिवार को भागलपुर के जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने ई.वी.एम (EVM) और वी.वी.पैट (VVPAT) वेयरहाउस का गहन त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह नियमित सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भविष्य के चुनावों के लिए मतदान मशीनों की सुरक्षा, रख-रखाव और तकनीकी स्थिति को सुनिश्चित करना है।
HIGHLIGHTS: निरीक्षण की मुख्य बातें
- नियमित ऑडिट: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के निर्देशानुसार मार्च माह का त्रैमासिक निरीक्षण संपन्न।
- लोकेशन: वाणिज्य कर कार्यालय के बगल में स्थित वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था को जांचा गया।
- कड़ी निगरानी: मशीनों की सीलिंग, लॉग बुक और वेयरहाउस की भौतिक स्थिति का बारीकी से अवलोकन।
- उपस्थिति: उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती श्वेता कुमारी सहित निर्वाचन शाखा के कर्मचारी रहे मौजूद।
GROUND REPORT: सुरक्षा और पारदर्शिता पर DM का फोकस
जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने वाणिज्य कर कार्यालय, भागलपुर के समीप स्थित वेयरहाउस पहुंचकर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस के कमरों, ताले की सीलिंग और सुरक्षा गार्डों की तैनाती की समीक्षा की।
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, हर तीन महीने में इन मशीनों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वेयरहाउस में कोई तकनीकी खराबी, नमी या बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश न हो। जिलाधिकारी ने निर्वाचन शाखा के कर्मियों को मशीनों के रख-रखाव से संबंधित अभिलेखों (Records) को अद्यतन रखने और वेयरहाउस परिसर में साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती श्वेता कुमारी और निर्वाचन शाखा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को वेयरहाउस की सुरक्षा प्रोटोकॉल और मशीनों की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
VOB का नजरिया: निष्पक्ष चुनाव की ‘मजबूत नींव’
EVM और VVPAT का त्रैमासिक निरीक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। मशीनों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की समय-समय पर जांच निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता की नीति को दर्शाती है। भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा इन नियमों का कड़ाई से पालन करना यह सुनिश्चित करता है कि जिले में चुनाव की मशीनरी हर समय ‘रेडी मोड’ में रहे।


