दरभंगा। हर घर नल का जल योजना के तहत दरभंगा प्रमंडल में अधूरे और छूटे हुए टोलों में चल रहे जलापूर्ति कार्यों को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में मुख्यालय स्तर पर सभी योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें साफ कहा गया कि भूमि की कमी अब काम रोकने का बहाना नहीं बनेगी।
जमीन नहीं तो तुरंत समाधान
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिन टोलों में भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां के कार्यपालक अभियंता जिला प्रशासन से समन्वय कर तत्काल NOC प्राप्त करें और स्थल संवेदक को सौंपें। सचिव ने कहा कि
“किसी भी परिस्थिति में जलापूर्ति योजना जमीन के अभाव में नहीं रुकेगी।”
इसकी निगरानी अब जिला के साथ-साथ मुख्यालय स्तर पर भी प्रतिदिन की जाएगी।
शिकायतों का तीन दिन में निवारण
जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों को ऑपरेशन एंड मेंटेनेन्स (O&M) नीति के तहत समयबद्ध निपटाने के निर्देश दिए गए।
अगर किसी शिकायत का समाधान तीन दिन से अधिक में होता है तो संबंधित संवेदक पर कार्रवाई तय है।
ठेकेदारों के लिए नया पोर्टल
सभी संवेदकों को Contractor Grievance Portal के माध्यम से भूमि, कार्य प्रगति या अन्य बाधाओं की जानकारी देने को कहा गया है, ताकि समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंच सकें।
हर प्रखंड में इन्वेंट्री स्टोर और GIS निगरानी
निर्देश दिए गए कि
- हर प्रखंड में इन्वेंट्री स्टोर बनाए जाएं
- GIS मैपिंग आधारित निगरानी लागू हो
- मरम्मती दल की संख्या जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाए
- सभी जानकारी MIS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए
लापरवाही पर दोहरी कार्रवाई
सभी मरम्मती दल के सदस्यों की मैपिंग MIS पोर्टल पर की जाएगी और इसका रैंडम सत्यापन मुख्यालय करेगा।
अगर किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो संवेदक और कार्यपालक अभियंता—दोनों पर कार्रवाई होगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में
- सचिव पंकज कुमार पाल
- विशेष सचिव संजीव कुमार
- अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद
- श्री अभय कुमार
- दरभंगा प्रमंडल के सभी अभियंता और संवेदक मौजूद रहे।
अब जलापूर्ति योजनाओं को समय पर पूरा करना विभाग की टॉप प्रायोरिटी बना दिया गया है।


