भागलपुर | 01 मार्च, 2026: सूचना एवं जन संपर्क विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से भागलपुर जिले के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में जन-जागरूकता का एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को जिले के गोकुलपुर, मदारगंज जफरा और सनोखर जैसे क्षेत्रों में ‘पूजा ग्रुप, नौबतपुर’ के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों के जरिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का बिगुल फूंका।
अभिनय के जरिए ‘निश्चय-3’ और पेंशन की पाठशाला
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जटिल सरकारी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाना था। कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- सात निश्चय-3: राज्य सरकार के आगामी विकास रोडमैप “सरकार के सात निश्चय-3” की बारीकियों को समझाया गया।
- सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के लाभ और पात्रता की जानकारी दी गई।
- आवेदन प्रक्रिया: ग्रामीणों को बताया गया कि वे कैसे और कहाँ आवेदन कर सकते हैं, ताकि बिचौलियों से बचा जा सके।
स्थानीय भाषा और संवाद: सीधा दिल तक पहुँचा संदेश
इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी इसकी प्रस्तुति शैली रही। कलाकारों ने स्थानीय बोली और लोक शैली का प्रयोग किया, जिससे मदारगंज और सनोखर जैसे क्षेत्रों के ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं ने इसे बड़े चाव से देखा।
कलाकारों का संदेश: “योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पात्र व्यक्ति समय पर आवेदन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत जानकारी के झांसे में न आएं।”
प्रशासन का अगला कदम: जिले के कोने-कोने तक पहुँचेगी जानकारी
जिला प्रशासन के अनुसार, यह तो बस शुरुआत है। आगामी दिनों में जिले के अन्य सुदूरवर्ती और जनजातीय इलाकों में भी इसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
VOB का नजरिया: कागजों से निकलकर चौपालों तक पहुँचती सरकार
अक्सर सरकारी योजनाएं फाइलों और विज्ञापनों तक सिमट कर रह जाती हैं, लेकिन भागलपुर में नुक्कड़ नाटक जैसा पारंपरिक माध्यम अपनाना एक सराहनीय कदम है। जनजातीय क्षेत्रों में जहाँ साक्षरता और संचार के साधनों की कमी हो सकती है, वहाँ कलाकारों का सीधे लोगों से जुड़ना ‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में भी ‘ग्राउंड कनेक्टिविटी’ की अहमियत को दर्शाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


