भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में खुला अत्याधुनिक जीएनजी डाकघर

छात्रों को मिला बड़ा तोहफ़ा—अब एडमिट कार्ड से पार्सल तक सब काम कैंपस में ही होंगे

भागलपुर।सबौर स्थित भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। कॉलेज कैंपस में लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार एक अत्याधुनिक जीएनजी डाकघर की शुरुआत हो गई। उद्घाटन बिहार सर्किल के पोस्टमास्टर जनरल मनोज कुमार ने किया।

डाकघर का उद्घाटन होते ही परिसर तालियों से गूंज उठा—क्योंकि यह सुविधा सीधे तौर पर हजारों छात्रों की रोज़मर्रा की परेशानी को खत्म करने वाली है।


कैंपस में ही स्पीड पोस्ट, पार्सल, बैंकिंग, आधार अपडेट—अब नहीं भागना पड़ेगा शहर

डाकघर खुलने से पहले छात्रों को कई बुनियादी कामों के लिए सबौर बाज़ार या भागलपुर शहर तक जाना पड़ता था।
• प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजनी हो
• कोडिंग लैब के पार्ट्स का पार्सल लेना हो
• एडमिट कार्ड/दस्तावेज़ स्पीड पोस्ट करना हो
• या फिर आधार में सुधार—

हर काम के लिए बाहर जाना मजबूरी थी।

लेकिन अब छात्र कैंपस में ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। डाकघर में उपलब्ध होंगी:

  • स्पीड पोस्ट और रजिस्टर डाक
  • पार्सल बुकिंग
  • इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की डिजिटल बैंकिंग
  • पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस
  • आधार एनरोलमेंट व अपडेट सुविधा
  • फिलेटली (डाक टिकट संग्रह)

अंग प्रदेश की कला ने बढ़ाई डाकघर की शान

नए डाकघर में प्रवेश करते ही दीवारों पर सजी मंजूषा कला, सिक्की शिल्प और लोक चित्रों की छाया चित्र सजावट ने आगंतुकों का मन मोह लिया।
मनोज कुमार ने कहा:
“भागलपुर की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए यह डाकघर एक मॉडल सेंटर बनेगा। यह सिर्फ सेवा केंद्र नहीं, बल्कि विरासत और आधुनिक सुविधा का संगम होगा।”


छात्रों ने कही अपनी बात—‘कैम्पस लाइफ आसान हो गई’

उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहीं। कई छात्रों ने खुलकर कहा कि यह डाकघर उनके लिए लाइफ़-चेंजर साबित होगा।
एक छात्रा ने कहा:
“ऑनलाइन फॉर्म के लिए दस्तावेज भेजने में आधा दिन खराब हो जाता था। अब यह काम 10 मिनट में कैंपस में ही हो जाएगा।”

दूसरे छात्र ने बताया:
“स्टार्टअप और प्रोजेक्ट मॉडल भेजने में हमें बहुत दिक्कतें होती थीं। अब पार्सल सेवा कैंपस में मिलने से समय और पैसा दोनों की बचत होगी।”


कॉलेज प्राचार्य ने कहा—“यह सुविधा कैंपस को नई दिशा देगी”

इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजू एम. तुग्नायत ने कहा:
“यह डाकघर कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नए स्तर पर ले गया है। छात्रों को शैक्षणिक व तकनीकी कार्यों में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। यह संस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।”

उन्होंने पोस्टल विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।


पोस्टमास्टर जनरल ने भविष्य की योजनाएँ भी बताईं

मनोज कुमार ने बताया कि:

  • कॉलेज के अनुरूप डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जाएगा
  • छात्रों के प्रोजेक्ट/स्टार्टअप से जुड़े विशेष पोस्टल पैकेज लाए जा सकते हैं
  • कॉलेज परिसर को ‘डिजिटल पोस्टल कैंपस’ मॉडल बनाया जाएगा

कार्यक्रम में डाक विभाग और कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी शामिल

उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र मौजूद रहे।


 

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